दून वासियों ने दून सिटीजन फोरम के आव्हान पर युद्ध नहीं, शांति चाहिए विषय पर चर्चा के साथ ही दुनियां मॆं युद्ध मॆं दिवंगत हुये लोगो की शान्ति को रखा दों मिनट का मौन

देहरादून
इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी वैश्विक तनाव और युद्ध की स्थिति को लेकर देहरादून में 27 मार्च 2026 को गांधी पार्क के सामने सर्वधर्म शांति सभा का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों और समुदायों के शांतिप्रिय नागरिकों ने भाग लिया और एक स्वर में शांति का संदेश दिया।
सभा में उपस्थित लोगों ने युद्ध में मारे गए सैकड़ों निर्दोष लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी धर्मों के प्रतिनिधियों ने मिलकर सामूहिक प्रार्थना की और विश्व में अमन-चैन की कामना की।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संघर्ष मानवता के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और इसका असर केवल युद्धग्रस्त देशों तक सीमित नहीं है।
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि इस युद्ध का प्रभाव भारत में भी देखने को मिल रहा है। रसोई गैस की कमी, उद्योगों पर दबाव और बढ़ती आर्थिक चुनौतियां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं, जिसका सबसे अधिक असर गरीब और कमजोर वर्ग पर पड़ रहा है।
वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि “हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए; विनाश नहीं, विकास चाहिए।” उन्होंने विश्व नेताओं से अपील की कि वे संयम बरतें और संवाद के माध्यम से समाधान निकालें।
सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने शांति बनाए रखने का संकल्प लिया और समाज में एकता, भाईचारे और मानवता को मजबूत करने का संदेश दिया।
चर्चा के अन्त मॆं यह निर्णय लिया गया क़ि दून सिटीजन फोरम दून की ओर से एम सामूहिक पत्र देश के प्रधानमन्त्री को ठोस सुझावों के साथ प्रेषित किया जायेगा।
यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि देहरादून के नागरिक वैश्विक मुद्दों के प्रति सजग हैं और शांति के पक्ष में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
इस पहल आलोक लाल , अनूप नौटियाल , जगमोहन मेंदीरत्ता, सुशील त्यागी , फ्लोरेंस पांधी , प्रदीप कुकरेती , हरिओम पाली , नरेश चंदोंक , परमजीत कक्कड़ , उमेद सिंह रावत , जया सिंह , अमित तोमर , आशालाल , मोहन खत्री , अवधेश शर्मा , आदि प्रमुख रहें। संचालन प्रदीप कुकरेती व समापन अनूप नॉटियाल ने किया।

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