देहरादून/उत्तरकाशी
चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार को बीरपुर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। वासंती नवरात्रि के प्रथम दिन, मां शैलपुत्री की पूजा के साथ ही क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकालकर नवरात्रों का विधिवत शुभारंभ किया गया।
सुबह से ही माता रंगाली देवी मंदिर में में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
मुख्य मंदिर परिसर से शुरू हुई इस कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘जय माता दी’ के उद्घोष से पूरा बीरपुर कस्बा भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जहाँ जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मां भगवती से प्रार्थना की। यात्रा के समापन के पश्चात विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिरों और घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई।
कलश यात्रा के साथ ही नौ दिवसीय शक्ति उपासना का पर्व शुरू हो गया है। स्थानीय मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन विशेष आरती, भजन कीर्तन और माता के विभिन्न स्वरूपों का श्रृंगार किया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि को विशाल भंडारे और कन्या पूजन का भी आयोजन प्रस्तावित है।

