देहरादून
मुख्यमंत्री, मत्स्य पालन विभाग, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा राज्य में ट्राउट फार्मिंग के सतत् विकास हेतु की गयी घोषणा के अनुपालन में मत्स्य विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत रूपये 170 करोड़ की लागत से “ट्राउट प्रोत्साहन योजना” प्रारम्भ की गयी है तथा योजना के माध्यम से इण्टीग्रेटेड रेसवेज यूनिट, मिनी हैचरी, कोल्ड चेन डेवलपमेंट के कार्य किये जायेंगे तथा मत्स्य पालको को पांच वर्षों तक इनपुट एवं हैण्डहोल्डिंग सर्पोट दिया जायेगा। यह योजना आने वाले वर्षों में राज्य अन्तर्गत ट्राउट फार्मिंग क्षेत्र को मजबूत करेगी तथा पर्वतीय क्षेत्रो में पलायन को कम करने हेतु भी कारगर सिद्ध होगी।
मंत्री द्वारा यह भी बताया कि अब तक हम प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुँचाते थे एवं यह व्यवस्था बिचौलियों को हटाने और लीकेज कम करने में कारगर सिद्ध हुयी है। इसी यात्रा को एक कदम आगे बढ़ाते हुए इस योजना के अन्तर्गत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की नई प्रणाली की व्यवस्था प्रारम्भ की गयी है। CBDC पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और कानूनी मान्यता प्राप्त माध्यम है।
इस नई व्यवस्था के तहत योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में तुरंत, सटीक और बिना किसी देरी के पहुँच सकेगा। मा० मंत्री जी द्वारा यह भी बताया कि यह पहल सरकार की डिजिटल राज्य, वित्तीय समावेशन और सुशासन के संकल्प को और सुदृढ़ करती है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनपदो के प्रगतिशील मत्स्य पालको को पुरूस्कृत किये जाने के साथ ही आपदा से हुये नुकसान के सापेक्ष बीमा राशि के चैक वितरित किये गये।
कार्यक्रम में मंत्री के अतिरिक्त खजान दास, विधायक राजपुर एवं उत्तम दत्ता, उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण सचिव मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी, डा० बी०वी०आर०सी० पुरूषोत्तम, चन्द्र सिंह धर्मशक्तू, निदेशक मत्स्य, अल्पना हल्दिया, उप निदेशक, मत्स्य विभाग, प्रमोद कुमार शुक्ला, उप निदेशक, मत्स्य विभाग, अनिल कुमार, उप निदेशक, मस्य विभाग एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदो से आये मत्स्य पालक उपस्थित रहे। साथ ही अपर सचिव मत्स्य एवं पशुपालन संतोष बडोनी, निदेशक पशुपालन उदय शंकर भी उपस्थित रहे।