देहरादून
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले के दो दिन बाद 16 फरवरी 2019 में देहरादून के मेजर चित्रेश बिष्ट शहीद हो गए थे। मेजर बिष्ट नौशेरा सेक्टर में आतंकियों द्वारा लगाए गए आईईडी (IIED) को डिफ्यूज करने गए थे लेकिन तभी ब्लास्ट हो गया और मेजर बिष्ट शहीद हो गए थे।
आपको बता दें मेजर बिष्ट अपनी शादी के महज 19 दिन पहले ही शहीद हों गए थे।
शहीद मेजर आईईडी के डिफ्यूज होने के कारण ही शहीद हुए थे। घटना से देहरादून क्या उत्तराखंड और पूरा देश ही हिल गया था। हजारी लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। हजारों आंखे उनको विदा करते हुए नम थी।
आखिर शहीद का परिवार अपने बेटे की शहादत को कैसे भूला सकता है। मेजर छुट्टियों पर शादी की तैयारियों के लिए घर आने वाले थे, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था जिसने एक झटके में दो परिवारों की सारी खुशियां छीन ली थी। लेकिन, घटना के इतने साल बाद भी शहीद का परिवार अपने बेटे के सपने को साकार करने में जुटा हुआ है। बताते चलें कि घर के लाडले शहीद बिष्ट पढ़ाई के साथ-साथ खेल कूद में भी अव्वल रहते थे और वो हमेशा गरीब बच्चों के लिए कुछ करना चाहते थे। उनके सपने को आज उनके माता पिता उनकी याद में पहाड़ के होनहार बच्चों को आगे बढ़ाने के मिशन में है।
शहीद के माता-पिता हर साल सरकारी स्कूल के 11 बच्चों को अपने बेटे की याद में 10-10 हजार की स्कॉलरशिप प्रदान कर रहे हैं। जिसमें टॉपर 6 लड़किया और 5 लड़के शामिल होते हैं। शहीद चित्रेश बिष्ट के पिता एस एस बिष्ट कहते है कि उनका बेटा हमेशा यादों में रहे इसलिए वो ऐसा करते है।
देहरादून के नेहरू कॉलोनी के निवासी उनकी शहादत के। आड से हर वर्ष उनकी याद में उनके परिजनों के साथ उनकी पुण्य तिथि पर उनके नाम पर बने पार्क में एकत्रित होकर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस वर्ष भी 16 फरवरी को कार्यक्रम का आयोजन शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट पार्क में आयोजित किया जाएगा।