कपाट खुलने के बाद से अब तक चारधाम यात्रा 2025 में लगभग 20 लाख यात्री दर्शन कर चुके हैं,अकेले केदारनाथ में 200 करोड़ रुपए की कमाई का आंकड़ा

देहरादून

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की शुरुआत 30 अप्रैल से हुई है. चारधाम यात्रा में लगातार श्रद्धालु की भीड़ बढ़ती जा रही है. आज 1 जून रविवार को 66 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए. जबकि 30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अभी तक 19 लाख 23 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.

*यमुनोत्री धाम*

30 अप्रैल को ही यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे. जहां अभी तक 3 लाख 39 हजार 707 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके हैं. वहीं 1 जून रविवार को 10 हजार 456 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचे. जिसमें 5466 पुरुष, 4683 महिला और 307 बच्चे शामिल हैं.

 

*गंगोत्री धाम*

गंगोत्री धाम में 1 जून रविवार को 11 हजार 574 श्रद्धालु पहुंचे. जिसमें 6409 पुरुष, 4838 महिला और 327 बच्चे शामिल हैं. 30 अप्रैल से शुरू हुई गंगोत्री धाम की यात्रा में अभी तक 3 लाख 30 हजार 372 श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर चुके हैं.

 

*केदारनाथ धाम*

सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं. 2 मई को खुले केदारनाथ धाम के कपाट के बाद अभी तक 7 लाख 20 हजार 127 श्रद्धाल बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. वहीं 1 जून रविवार को 23 हजार 193 श्रद्धालु बाबा केदार के दर पर पहुंचे. जिसमें 15 हजार 96 पुरुष, 7798 महिला और 293 बच्चे शामिल हैं।

 

*बदरीनाथ धाम*

4 मई को खुले बदरीनाथ धाम में अभी तक 5 लाख 15 हजार 710 श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं।

1 जून रविवार को 19 हजार 290 श्रद्धालुओं ने बदरीविशाल के दर्शन किए. जिसमें 11,213 पुरुष, 6885 महिला और 1192 बच्चे शामिल हैं।

हेमकुंड साहिब: 25 मई को चमोली स्थित हेमकुंड साहिब के कपाट खुले थे। अभी तक 17 हजार 478 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं. जबकि आज 1 जून रविवार को 2195 श्रद्धालुओं हेमकुंड साहिब दरबार में माथा टेका।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून रविवार को 66 हजार 708 श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए।

30 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अभी तक 19 लाख 23 हजार 294 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। इसमें हेमकुंड साहिब श्रद्धालु की संख्या भी शामिल है।

बताते चलें कि अकेले केदारपुरी में ही 2 अरब रुपए की कमाई की गई है।

2 मई को बाबा केदार धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले एक महीने में 01 जून तक भक्तों की संख्या 07 लाख पार हुई पिछले एक महीने का औसत निकला जाए तो प्रतिदिन 24 हजार श्रद्धालु बाबा के दर्शनों को केदारपुरी पहुंचे हैं।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि 31 मई तक 1,39,444 तीर्थालू घोड़े खच्चरों के माध्यम से दर्शनों को पहुंचे और 40 करोड़ 50 लाख से अधिक की आय प्राप्त हुई।

नोडल हेली सेवा राहुल चौबे ने बताया कि आठ हेली कंपनियां नौ हेलीपैड से अपना संचालन करते हुए 31 मई तक लगभग 33000 श्रद्धालुऑ को बाबा केदार धाम पहुंचाया जिससे करीब 35 करोड़ की आय प्राप्त हुई है।

अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष की यात्रा के लिए 7000 से अधिक डंडी- कंडी संचालकौ ने 31 मई तक 29275 श्रद्धालुओ को यात्रा करवाई जिससे 1 करोड़ 16 लाख, 89 हजार 100 रुपए की आय प्राप्त हुई। वहीं गंदगी फैलने एवं अन्य नियमों के उल्लंघन पर विभिन्न प्रतिष्ठानों का 2,26,000 रुपए का चालन कर अर्थदंड भी वसूला गया।

सहायक परिवहन अधिकारी रुद्रप्रयाग कुलवंत सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष श्री केदारनाथ धाम यात्रा में शटल सेवा के लिए पंजीकृत 225 गाड़ियों में सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक सात लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं हर यात्री को 50 रुपए जाने एवं 50 रुपए वापस सोनप्रयाग आने के चुकाने पड़ते हैं। 01 जून तक 7 लाख श्रद्धालु धाम में पहुंच चुके हैं यानी अब तक टैक्सी संचालक करीब 7 करोड़ रुपए शटल सेवा के माध्यम से अर्जित कर चुकी हैं। वहीं इस वर्ष नई पहल करते हुए 25 गाड़ियां महिला एवं बुजुर्गों के लिए आरक्षित की गई हैं। प्रति गाड़ी में औसतन 10 सवारी यात्रा कर सकती हैं। इन गाड़ियों में बकायदा स्टीकर भी लगाए गए हैं। पहले चरण में 25 वाहन ही इसके लिए लिए गए हैं।

व्यापार संघ अध्यक्ष गौरीकुंड रामचंद्र गोस्वामी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा से अकेले गौरीकुंड में करीब 350 प्रतिष्ठान हैं जहां यात्रा पर आने वाले एक यात्री का रहने एवं खाने का औसत खर्चा 1500 से 2000 रुपए न्यूनतम है। इसमें कुछ लोग अपने खाने की व्यवस्था स्वयं करते हैं। एक महीने में यात्रा पर पहुंचे 7 लाख श्रद्धालुओं के हिसाब से औसत निकाला जाए तो 100 करोड़ रुपए होटल एवं रेस्तरां प्रतिष्ठानों ने कारोबार कर लिया है। उधर, जीएमवीएन के रीजनल मैनेजर गिरवीर रावत ने बताया कि जीएमवीएन के 15 प्रतिष्ठान केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हैं जिसमें जिसमें ध्यान गुफा भी शामिल हैं। इन सभी में मिलकर एक महीने में 3 करोड़ 80 लाख 1582 रुपए का राजस्व प्राप्त किया है।

परदे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि केदारनाथ धाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति की धुरी बन चुकी है। सरकार का लक्ष्य केवल तीर्थयात्रियों को सुविधाएं देना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। हम प्रयासरत हैं कि यात्रा सुरक्षित, सुगम और समृद्ध बनाने की दिशा में हर संभव कदम उठाया जाए।

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