देहरादून/ नैनीताल
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा उच्च न्यायालय नैनीताल के अपने विधि अधिकारियों/प्रतिनिधियों में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिसमें मुख्य स्थायी अधिवक्ता का कार्यभार पुरन सिंह बिष्ट को सौंपा गया है। सरकार द्वारा कुल 15 अधिवक्ताओं को पदोंनत्ति के साथ अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में राज्य सरकार के विधि अधिकारियों की नियुक्ति के साथ वर्तमान में कार्यरत अधिकारियों को उच्चीकृत करने के आदेश जारी किए ग़ए हैं।
प्रमुख सचिव अमित कुमार सिरोही द्वारा हस्ताक्षरित एवं जारी किए गए आदेश में अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट को चंद्रशेखर सिंह रावत के स्थान पर तत्काल प्रभाव से राज्यपाल की सहर्ष स्वीकृति के पश्चात मुख्य स्थायी अधिवक्ता की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। न्याय अनुभाग इसे सिविल पद पर नियुक्ति न मानते हुए एक व्यावसायिक आबन्धन मानता है। सरकार इन आबद्ध अधिवक्ताओं से उच्च न्यायालय में राज्य सरकार का पक्ष पूर्ण तैयारी और मजबूती के साथ रखने की अपेक्षा करती है।
बताते चलें कि इसी के साथ ही सरकार के विधि विभाग द्वारा गणेश कांडपाल को अपर महाधिवक्ता, राजीव सिंह बिष्ट को उप महाधिवक्ता(क्रि.), राकेश कुमार जोशी को सहायक शासकीय अधिवक्ता, प्रभात कांडपाल को सहायक शासकीय अधिवक्ता, हिमांशु सेन को सहायक शासकीय अधिवक्ता बनाया गया है। वहीं सरकार ने अधिवक्ता योगेश पाण्डे को उप महाधिवक्ता(सिविल), घनश्याम जोशी को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, रंजन घिल्डियाल को स्थायी अधिवक्ता, भानु प्रताप मेर को स्थायी अधिवक्ता, मनीष बिष्ट को ब्रीफ होल्डर, मंनोज चंद्र भट्ट को ब्रीफ होल्डर, महावीर प्रसाद कोहली को ब्रीफ होल्डर, स्वाति वर्मा को ब्रीफ होल्डर, निखिल बिष्ट को ब्रीफ होल्डर और सुनील उपाध्याय को भी ब्रीफ होल्डर बनाया गया है।