देहरादून
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले को अत्यंत गंभीर एवं स्वतः संज्ञान लिया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए अध्यक्ष कंडवाल ने पुलिस प्रशासन को इस प्रकरण में तत्काल कड़ी कार्यवाही एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए है।
देहरादून स्थित SGRR मेडिकल कॉलेज की पीजी छात्रा डॉ. तनवी अपनी कार में संदिग्ध अवस्था में अचेत मिली थीं, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मृतका के पिता ने विभागाध्यक्ष पर अत्यंत संगीन आरोप लगाए कि नई विभागाध्यक्ष द्वारा उनकी पुत्री का लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। उन्होंने यह भी साझा किया कि छात्रा को लगातार फेल करने की धमकियां दी जा रही थीं और अवैध रूप से पैसों की मांग भी की गई थी। मृतका के पिता ने दावा किया है कि उनके पास इन सभी उत्पीड़नकारी गतिविधियों और कॉल की सभी रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में मौजूद हैं।
आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक देहरादून, शहर प्रमोद कुमार को निर्देशित किया कि प्रकरण की अत्यंत सूक्ष्मता और गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य प्रकाश में आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के कठोरतम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में बेटियों का उत्पीड़न और उन पर मानसिक दबाव बनाना असहनीय है और आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बताया कि पुलिस द्वारा मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
आयोग द्वारा पुलिस विभाग से इस मामले में जांच रिपोर्ट आयोग को प्रेषित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है कि साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए ताकि पीड़ित पक्ष को उचित न्याय दिलाया जा सके।