देहरादून/दिल्ली
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत जन औषधि केन्द्र के माध्यम से दवाओं की बिक्री पर उत्कृष्ट योगदान हेतु एम्स ऋषिकेश को पुरस्कार प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा द्वारा बीते रोज दिल्ली में आयोजित एक समारोह के दौरान दिया गया।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 8वें जन औषधि दिवस सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न राज्यों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनऔषधि केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों को इस योजना के माध्यम से किफायती स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने हेतु सम्मानित किया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने विजेताओं को यह पुरस्कार देकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जनऔषधि योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। इस दौरान लाभार्थियों ने उन्हें बताया कि कैसे सस्ती जेनेरिक दवाओं ने स्वास्थ्य देखभाल के वित्तीय बोझ को कम करने में मदद की है।
एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने इस दौरान जेनेरिक दवाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के बारे में संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि दवाएं सस्ती होने के कारण कई लोगों को भ्रम है कि यह दवाएं ज्यादा प्रभावी नहीं होती हैं। जबकि ऐसा नहीं है और यह केवल भ्रांति है। देशभर में 18 हजार से अधिक जन औषधि केन्द्रों से लोगों को इन दवाओं से बहुत फायदा हुआ है। प्रो. मीनू ने इन दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के लिए डिजिटल नेटवर्क विकसित करने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने बताया कि किस तरह एम्स ऋषिकेश ड्रोन मेडिकल सेवा के माध्यम से उत्तराखण्ड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक इन दवाओं को पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दवाएं न केवल सस्ती और गुणवत्ता परक हैं अपितु आम परिवारों के लिए भी सुलभ और किफायती हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और योजना का उद्देश्य जनऔषधि केंद्रों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश के जन औषधि केन्द्र के प्रभारी फार्मोकाॅलिजस्ट प्रो. पुनीत धमीजा भी मौजूद रहे।