उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का 10वा दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 18146 शिक्षार्थियों को मिली उपाधि, 2 को कुलाधिपति मेडल और 28 को विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी का 10वा दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 18146 शिक्षार्थियों को मिली उपाधि, 2 को कुलाधिपति मेडल और 28 को विश्वविद्यालय गोल्ड मेडल

देहरादून/हल्द्वानी

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का 10वा दीक्षांत समारोह सोमवार को गरिमामय एवं भव्य वातावरण में सम्पन्न हो गया।

दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं प्रदेश के महामहिम राज्यपाल ले. जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने की। इस अवसर पर कुल 18,146 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर की उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 6 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया।

समारोह का शुभारम्भ शोभायात्रा, राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने शैक्षणिक सत्र 2024–25 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार, शोध गतिविधियों एवं शिक्षण गुणवत्ता सुदृढ़ीकरण के प्रयासों की जानकारी दी।

पीएच.डी. उपाधि प्राप्त शोधार्थी

शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा: संजना रौतेला, नमिता बोरा, लता आर्या

मानविकी विद्याशाखा: बसुदेव प्रसाद, शशांक शर्मा, कमल डिमरी

कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थी

पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान: प्रेरणा भट्ट

शिक्षाशास्त्र: प्रवेश कुमार

विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्राप्त शिक्षार्थी (कुल 28)

समाज विज्ञान विद्याशाखा

अंकित ढौंडियाल, हितेश चंद्रा, रेखा गैड़ा, सबीहा ख़ान, कुमारी दीक्षा, प्रियंका तिवारी

शिक्षाशास्त्र विद्याशाखा

बलवंत सिंह, रजनी गुरे, सौम्या कांडपाल, पंकज जोशी, अर्पिता शर्मा, जागृति चौहान

मानविकी विद्याशाखा

हिमांशु ओली, कुमारी हेमवंती, दीपिका, प्रवेश कुमार

स्वास्थ्य विज्ञान विद्याशाखा

कुसुमलता, सुमित गिरि

प्रबंध अध्ययन एवं वाणिज्य विद्याशाखा

स्वाति बिष्ट, अंशुल अग्रवाल, अंकिता नेगी

विज्ञान विद्याशाखा

योगिता रावत, मोनिका, अमित कुमार, हर्षिता मेहता, रैना शुक्ला, ईशिता पांडे

प्रायोजित स्वर्ण पदक

लाला देवकी नंदन नंद किशोर एजेंसीज स्मृति स्वर्ण पदक (पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान): प्रेरणा भट्ट

श्रीमती शीला देवी, धर्मपत्नी लाला ओम प्रकाश स्मृति स्वर्ण पदक (मानविकी): प्रवेश कुमार

श्रीमती भगवती देवी, लाला नंद किशोर स्मृति स्वर्ण पदक (प्रबंध अध्ययन एवं वाणिज्य): अंकिता नेगी,

कल्याण भवति समिति पदक (शिक्षाशास्त्र): सौम्या कांडपाल को मिला।

दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा पीएच.डी. एवं स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों के साथ समूह-फोटोग्राफ लिया गया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की नवनिर्मित शौर्य दीवार, हिंदी वेबसाइट, ‘प्रगति के सोपान’ तथा त्रैमासिक पत्रिका ‘उड़ान’ का लोकार्पण किया गया।

साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान हेतु इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 06 शिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें प्रो. गिरिजा पाण्डेय, प्रो. पी. डी. पंत, प्रो. रेनू भट्ट, प्रो. जितेंद्र पाण्डेय, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह फर्सवान शामिल थे। इसके अलावा आई सी टी अनुभाग से विनीत पौरियाल को रेडियो ऐप ‘हैलो हल्द्वानी’ तैयार करने के लिए सम्मानित किया गया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में महामहिम कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को सत्य, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया।

कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षिक कार्यों की सराहना की तथा कहा कि विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को घर घर पहुँचाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अच्छा कार्य कर रहा है, विश्वविद्यालय ने कई शिक्षण संस्थान, कारागार, सेना, आई आई टी रुड़की जैसे संस्थानों से समझौता कर सभी को उच्च शिक्षा से जोड़ने का काम किया है। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव द्वारा आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा राष्ट्रगान के पश्चात शोभायात्रा के साथ समारोह का समापन हुआ।

दीक्षांत समारोह में विद्यापरिषद के सदस्य प्रो. पी.एस. बिष्ट, डॉ. एच.सी. पुरोहित एवं कार्यपरिषद के सदस्य प्रो. बी.एस. राजपूत, रमेश चंद्र बिंजोला और डॉ. अजय कुमार गुप्ता, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, जी बी पंत नगर विश्वविद्यालय के प्रो एम एन एस चौहान, श्री देव सुमन के कुलपति प्रो एन के जोशी, प्रो. एच पी शुक्ला, प्रो. उमा जोशी मौजूद रहे। इनके साथ ही शहर के विद्वतजन, जिलाधिकारी ललित मोहन जोशी समेत अन्य अधिकारी, नगर के महापौर गजराज सिंह बिष्ट, विधायक लालकुआँ डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, और अन्य गणमान्यों की उपस्थिति के साथ ही विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, वित्त नियंत्रक एस. पी. सिंह व सभी विद्याशाखा के निदेशक व अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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