देहरादून/लखनऊ
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज, पुरनिया क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
हादसे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दे दिए। उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी मृतकों का पोस्टमार्टम सोमवार रात ही कराया जाएगा, ताकि परिजनों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव सौंपे जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और दौरे रद्द कर दिए तथा तत्काल लखनऊ लौट आए।
मुख्यमंत्री सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस बीच केन्द्र सरकार ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। केन्द्र सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दी जाएगी।
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। वहीं राहत और बचाव दल लगातार मौके पर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हुए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।