देहरादून/नेपाल
नेपाल के रसुवा ज़िले के भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की वजह से देश के अलग-अलग ज़िलों में भारी तबाही हुई है।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने पुष्टि की है कि बाढ़ में मरने वालों की संख्या 95 हो गई है। वहीं नेपाली पुलिस ने बताया है कि अब तक लापता पर्यटकों की संख्या 579 हो गई है।
लापता पर्यटकों में से 466 विदेशी नागरिक हैं, जो 28 अलग-अलग देशों से हैं।
लापता टूरिस्ट में से 113 नेपाल के नागरिक हैं, 54 अमेरिका से हैं और ब्रिटेन के लापता नागरिकों की संख्या 33 है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने देश की प्रतिनिधि सभा को संबोधित किया है।
उन्होंने बताया है कि रसुवा में आपदा की स्थिति भूकंप के साथ आए हिमस्खलन के कारण हुई थी और इसकी आगे पुष्टि की जा रही है।
उन्होंने बताया कि सुबह करीब 8:40 बजे रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट ज़िलों के कई इलाक़े प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि तिमुरे, स्याफ़रुबेसी, बेत्रावती, त्रिशूली बत्तर और देवीघाट समेत कई इलाक़ों में भारी नुक़सान हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह बाढ़ सुबह 8:37 बजे आए भूकंप के कारण हुई थी और भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के तटीय क्षेत्रों में अभी भी ख़तरा बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में आई भारी बाढ़ के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, ”प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना व्यक्त की। इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मज़बूती से खड़े हैं।”
“भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई अचानक भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि और व्यापक नुकसान अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक है। इस कठिन समय में उत्तराखंड की जनता और राज्य सरकार की संवेदनाएं नेपाल के प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
उत्तराखंड और नेपाल के बीच विशेष रूप से सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंध रहे हैं। दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पारिवारिक रिश्तों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध भी निरंतर मजबूत रहे हैं।
पिथौरागढ़ और चंपावत सहित सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के नेपाल के साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई आपदा का दुःख उत्तराखंड के लोगों के लिए भी अपने परिवार के किसी सदस्य के संकट में होने जैसा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की समस्त जनता की ओर से नेपाल के शोक संतप्त परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों के शीघ्र सुरक्षित होने, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने तथा नेपाल में सामान्य स्थिति की शीघ्र बहाली की कामना की।
वहीं भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से हुई जन-धन की क्षति को देखते हुए उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने उत्तराखण्ड के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
यदि कोई उत्तराखण्ड का नागरिक नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में फंसा हुआ है अथवा कोई किसी व्यक्ति के संबंध में कोई जानकारी साझा करना चाहता है, तो राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून के हेल्पलाइन नंबर:
0135-2710334, 2710335,2664314, 2664315, 2664316,8218867005
इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1070 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

