पिथौरागढ़ के धारचूला-गुंजी मोटर मार्ग में थक्ती झरने के समीप पहाड़ी से गिरे चट्टान की चपेट में आने से बोलेरो कैंपर दब गया। हादसे में चालक सहित नौ लोगों की दबकर दर्दनाक मौत की आशंका जताई जा रही हैं।

देहरादून/पिथौरागढ़

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में धारचूला-गुंजी मार्ग पर रविवार शाम हुए सड़क हादसे में लगभग 24 घंटे बाद गाड़ी और मृतकों को बाहर निकाल लिया गया है। इसके साथ ही धारचूला-गुंजी मार्ग भी आवाजाही के लिए खुल गया है। इनमें से छह की शिनाख्त हो गयी है। एक शव की पहचान नहीं हो पायी है। इनमें एक ही परिवार की तीन अबोध बच्चों के अलावा एक अधेड़ पति-पत्नी भी शामिल हैं। जिला प्रशासन की ओर से आज फिर राहत व बचाव कार्य संचालित किया गया। मौके पर दो जेसीबी के साथ ही एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसएसबी और फायर बिग्रेड के जवान राहत व बचाव कार्य में जुटे रहे।

चिकित्सा विभाग की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया था। काफी मेहनत और मशक्कत के बाद चट्टान और बड़े-बड़े पत्थरों को तोड़कर हटाया गया। इसके बाद वाहन से शवों को निकालने का काम शुरू हो पाया। भारी पत्थरों के चलते वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था और शव इसमें फंस गए थे। यह सड़क हादसा इतना दर्दनाक था कि चट्टान के नीचे दबे 7 लोगों शवों को पहचानना बड़ा मुश्किल था। पुलिस की मानें तो पहले हमारे पास सूचना यही आई थी कि आठ लोग गाड़ी में सवार थे। लेकिन अब बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति घटना से पहले ही गाड़ी से उतर गया था।

आपको बता दें कि यह हादसा पिथौरागढ़ में रविवार देर शाम भी ठीक उसी मार्ग पर हुआ जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्यूटी में तमाम बड़े अधिकारियों और नेताओं को जाना था। रविवार शाम पिथौरागढ़ पुलिस के पास यह सूचना आई थी कि धारचूला गुंजी मोटर मार्ग पर थक्ती झरने के पास पहाड़ी से चट्टान दरकने से एक वाहन चट्टान के नीचे दब गया है। प्रथम सूचना में यह जानकारी थी कि गाड़ी में आठ लोग सवार हैं। गाड़ी के ऊपर इतनी विशालकाय चट्टान गिरी थी कि चट्टान को हटाने में पीडब्ल्यूडी, बीआरओ सहित अन्य एजंसियों को कई घंटे का वक्त लग गया।

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