लॉक डाउन 5.0 एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरुरत नहीं होगी,अतिआवश्यक के अलावा देश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

लॉक डाउन 5.0 एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरुरत नहीं होगी,अतिआवश्यक के अलावा देश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिबंधित

देहरादुन/दिल्ली

लम्बे लॉक डाउन के बाद देश अब पटरी पर लौट सकेगी उम्मीद जताई जा रही है। गृह मंत्रालय ने कुछ शर्तो के साथ पांच चरणों।मे देश की अर्थ व्यवस्था को।ढर्रे पर लाने के प्रयास शुरू किए है।
सार्वजनिक स्थानों और पूजा के सार्वजनिक स्थान; होटल, रेस्तरां और अन्य आतिथ्य सेवाएं और शॉपिंग मॉल को 8 जून, 2020से खोलने की अनुमति दी जाएगी।
स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक / प्रशिक्षण / कोचिंग संस्थान आदि, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श के बाद खोले जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो रेल का संचालन, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क आदि के लिए तिथियों का निर्धारण स्थिति के आकलन के आधार पर किया जाएगा।
अगले एक महीने के लिए कंटेनमेंट जोन के बाहर की सभी गतिविधियों को फिर से चरणों में खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। कंटेनमेंट जोन के बाहर आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी छूट।एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरुरत नहीं होगी।आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर, पूरे देश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच व्यक्तियों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।
सार्वजनिक स्थानों, सफर के दौरान और दफ्तरों में मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर छह फीट की दूरी बनानी होगी। भीड़ पर प्रतिबंध जारी रहेगा। लेकिन शादी समारोह में 50 से अधिक लोग शामिल नहीं हो पाएंगे ।
दुकानों में सामाजिक दूरी का पालन करना होगा, एक बार में पांच से अधिक लोग खड़े नहीं रह पाएंगे।सार्वजनिक स्थान पर थूकना दंडनीय अपराध होगा वही ऐसे स्थानो पर शराब, पान, गुटखा तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित रहेगा।
बुजुर्गों,गर्भवती महिलाओ कर साथ ही 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए हैं
लॉकडाउन में कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक जारी रहेगी सख्ती।कंटेनमेंट जोन में सिर्फ जरूरी सेवाओं की ही इजाजत होगी।
यहां लोगों की आवाजाही पर जारी रहेगा पहले की तरह प्रतिबंध रहेंगे।इस जोन में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और घर-घर की जांच होगी। राज्यों की तरफ से कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर जोन बनाए जा सकते हैं जहां जिला प्रशासन अपने अनुसार पाबंदियां लगा सकता है।

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