देहरादून/कोटद्वार
विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार के बलभद्रपुर स्थित सरस्वती वेडिंग प्वाइंट में आयोजित “शैलवाणी रजत जयंती सम्मान समारोह–2026” में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में ऋतु खण्डूडी भूषण ने उपस्थित सभी लोगों को फुलदेई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति में लोकपर्व, लोकगीत, परंपराएं और प्रकृति के प्रति सम्मान हमारी पहचान और विरासत को सशक्त बनाते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में चिपको आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती ने हमेशा पर्यावरण संरक्षण और जनआंदोलनों की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाया है। चिपको आंदोलन ने पूरे देश और दुनिया को प्रकृति संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
ऋतु खण्डूडी भूषण ने किताबों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुस्तकें ज्ञान, विचार और संस्कारों का सबसे सशक्त माध्यम हैं। पढ़ने की आदत व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध बनाती है और समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर “शैलवाणी”, “मैं हूँ हिमालय” और “मालिनी के तट पर” पुस्तकों का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. नन्द किशोर डोडियाल, कुसुमलता गुसाईं मुखर्जी, डॉ. नारायणचन्द्र अग्रवाल (किड़ानेर) तथा लोक कलाकार नन्दलाल भारती (चकराता, देहरादून) को सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि शैलवाणी समाचार पत्र पिछले 25 वर्षों से जनसरोकारों, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए समाज को जागरूक करने का सराहनीय कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर उन्होंने शैलवाणी परिवार को रजत जयंती वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।