प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उत्तराखंड का 28वां दौरा, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर तीन राज्यों को गति की प्रदान

देहरादून

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखंड से लगाव जगजाहिर है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मनावर को उनका उत्तराखंड का 28वां दौरा था जिसमें राज्य को दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएं दी है।

और इसी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देहरादून से दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर तीन राज्यों को रफ्तार की सौगात दी है। इसके बाद उन्होंने देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह ग्राउंड में जनसभा को संबोधित किया।

उन्होंने भारत माता की जय के साथ अपना संबोधन शुरू करते हुए सर्वप्रथम कहा कि देवभूमि की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। पूज्य संत गण को भी प्रणाम। इस कार्यक्रम से तकनीकी के जरिये भी दिल्ली और यूपी से कई लोग जुड़े हैं। सबसे पहले क्षमा चाहता हूं कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देरी हुई। आपको इंतजार करना पड़ा। मैं निकला तो सही समय पर था लेकिन 12 किमी का रोड शो, इतना उत्साह, इतनी उमंग कि तेज गति से गाड़ी का चलना मुश्किल हो गया।

अगले कुछ ही दिनों में चारधाम की यात्रा शुरू होने वाली है। इस पवित्र समय का देश के कोटि कोटि लोग इंतजार करते हैं। पंच बदरी, पंच प्रयाग, पंच केदार और अराध्य देवताओं को प्रणाम करता हूं। यहां आने से पहले मां डाट काली के दर्शन करने का मौका मिला। देहरादून पर मां डाट काली की बड़ी कृपा है। इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में मां काली आशीर्वाद रहा है।

पर्यटन के लिए लिहाज से यह प्रोजेक्ट बेहद अहम है। बाबासाहेब अंबेडकर को भी अर्पित की श्रद्धांजलि। कहा, आर्टिकल 370 हटाने के बाद हमारे पूरे देश में संविधान पूरी तरह लागू है। माओवाद, नक्सलवाद हुआ खत्म। समान नागरिक संहिता लागू हो यह हमारे संविधान की भावना है। उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाया है। पूरे देश को राह दिखाई है।

लोग भविष्य के लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, मैं इस विज्ञान को नहीं जानता हूं लेकिन कहते हैं कि यह भी शास्त्र है। मैं इसी संदर्भ को राष्ट्र जीवन से जुड़कर देखूं तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं हमारी सड़कें होती हैं। हमारे हाईवे होते हैं। एक्सप्रेसवे होते हैं। एक दशक में हमारा देश भाग्य की ऐसी ही भाग्य की रेखाएं बनाने में जुटा है। आने वाली पीढि़यों के लिए गारंटी है। मोदी की भी गारंटी है।

मैं बाबा साहब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में, हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुन: स्थापित करने वाले रहे। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन ज़िलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है।

उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और इस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है। साथियों, बाबा साहब का जीवन गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम देश का संतुलित विकास है।

इकोनामिक कॉरिडोर से उम्मीद की डोर भी जुड़ी हुई है। यह व्यापार का नया मार्ग बनाते हैं। दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे बनने से क्षेत्र का कायाकल्प होगा। पहला फायदा समय बचेगा,लोगों का पेट्रोल डीजल कम खर्च होगा। दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। किसानों की उपज भी तेज गति से मंडी बड़े बाजारों तक पहुंचेगी, इस शानदार एक्सप्रेसवे से उत्तराखंड की टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा मिलेगा ।

विकास के लिए प्रकृति, प्रगति और संस्कृति की त्रिवेणी को अपनाया जा रहा है। इसलिए इस एक्सप्रेसवे पर 12 किमी लंबा एलिवेडेट बनाया गया है। आज सभी देश के सभी सैलानियों से आग्रह करता हूं। कि देवभूमि के स्थानों को साफ सुथरा रखना जरूरी है। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें देवभूमि की पवित्रता को ग्रहण लगाता है।

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ होना है। उसे दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने में कसर नहीं छोड़नी है। नंदा राजजात भी अगले वर्ष होनी है। इस यात्रा में बहनों और बेटियों की भागीदारी होती है। इसके माध्यम से देश की बेटियों और बहनों को संदेश देना चाहता हूं कि आपकी भूमिका बड़ी होनी वाली है।

सभी दलों को इसके लिए आगे आना चाहिए। महिलाओं ने जो हक दिया जा रहा है उसे लागू होना चाहिए। 2029 में लोकसभा के जो चुनाव होंगे, उसके बाद जो भी चुनाव होंगे यह 2029 से ही लागू हो जाना चाहिए। यह हर बेटी बहन की इच्छा है। 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। मैं चाहता हूं कि इसमें सभी राजनीतिक दल सर्वसम्मति से पूरा करें। आज मैंने सभी बहनों और बेटियों के नाम खुला पत्र लिखा है। मैंने आग्रह किया है कि माताओं और बहनों को इस कार्य में भागीदारी के लिए आग्रह किया है। एक-एक शब्द पर इस पर मनन करना है।

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेडिंग इन इंडिया, शादी के लिए बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। साथियों, उत्तराखंड के लिए और हमारे पर्यटन के लिए यह बहुत ज़रूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलासा और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया। कई वर्षों के बाद मैं गया।

2023 में मैं स्वयं वहां गया और उसके बाद से बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंच रहे हैं। पहले वहां कुछ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। अभी 1000 नहीं होते थे, अगर 40000 पहुंचते हैं, तो यहां के लोगों की रोजी रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह 2024 में शीतकालीन चार धाम यात्रा में करीब 80 हजार श्रद्धालु आए। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

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