तिलाड़ी विद्रोह की वर्षगांठ पर मजदूरों और बस्तियों के अधिकार को लेकर उठी आवाज़, वक्ता बोले आश्वासन पर आश्वासन मिलते हैं नहीं मिल रहे अधिकार – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

तिलाड़ी विद्रोह की वर्षगांठ पर मजदूरों और बस्तियों के अधिकार को लेकर उठी आवाज़, वक्ता बोले आश्वासन पर आश्वासन मिलते हैं नहीं मिल रहे अधिकार

देहरादून

शनिवार को तिलाड़ी विद्रोह के वर्षगांठ के अवसर पर देहरादून के विभिन्न मज़दूर बस्तियों से आये हुए प्रतिनिधियों के साथ कांग्रेस, चेतना आंदोलन, सर्वोदय मंडल, एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधि बाबासाहब आंबेडकर की मूर्ति से गांधी पार्क तक प्रदर्शन निकाल कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय बने मलिन बस्ती अधिनियम 2016 पर कार्यवाही न कर, मज़दूरो और ख़ास तौर पर दिहाड़ी निर्माण मज़दूरों को अपने अधिकारों से वंचित कर, विनाशकारी प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को आगे बढ़ा कर सरकार मज़दूरों और गरीबों के अधिकारों का हनन कर रही है। दून समग्र विकास अभियान के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने कहा कि दस साल से हर चुनाव से पहले मीठे मीठे आश्वासनों मिलते हैं और फिर चुनाव के बाद कानून की धज्जिया उड़ा कर बुलडोज़र को चलाया जाता है।

इस बार जनता को क़ानूनी हक़ चाहिए जिससे इस समस्या का समाधान हो पाए। साथ साथ में अब जब देश भर में मज़दूर महंगाई और गैस की किल्लत को तरस रहे हैं, निर्माण मज़दूर बोर्ड पंजीकृत यूनियन के प्रमाण पत्रों के आधार पर मज़दूरों का पंजीकरण करने के बजाय, ऐसे शर्तों को लागू कर दिए गए हैं जिससे असली मज़दूर अपने अधिकारों से वंचित हैं। प्रदेश भर में फैक्ट्री मज़दूर आंदोलनरत हैं लेकिन प्रशासन और सरकार मालिकों के ही पक्ष ले रहे हैं। इसके ऊपर एलिवेटेड रोड जैसे विनाशकारी परियोजनाओं को कानून की धज्जिया उड़ा कर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे चंद कंपनियों, अफसरों और नेताओं को छोड़ कर कोई भी लाभ नहीं मिलने वाला है। कांठ बांग्ला बस्ती का ज़बरन विस्थापन करने का प्रयास से ले कर हर प्रकार की गैर क़ानूनी कामों पर सरकार उतर रही है लेकिन जन आंदोलनों से उनको जवाब मिल रहा है, यहाँ तक कि उत्तराखंड उच्च न्यायालय को भी कांठ बांग्ला को ले कर हो रही प्रक्रिया पर सवाल उठाना पड़ा।

कार्यक्रम में तिलाड़ी विद्रोह के शहीदों को नमन करने के बाद बाबासाहेब आंबेडकर एवं महात्मा गांधी की मूर्तियों पर माल्यार्पण करते हुए प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि संविधान के मूल्यों एवं जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा, वरिष्ठ नेता प्रवीण त्यागी, प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुनीता प्रकाश, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोनिया आनंद, सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के भोपाल, कांग्रेस के आईटी सेल के पूर्व महामंत्री और शिक्षाविद कुलदीप ज़ख्मोला, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मानसिंह रोहित मित्तल ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया। आम लोगों के साथ कांग्रेस के पार्षद अर्जुन सोनकर,अर्जुन पासी, जगदीश धीमान प्रदेश कांग्रेस महामंत्री, प्रीतम सिंह आर्य, संजय गुरुंग, राजेंद्र शाह, विनोद बडोनी, सुनीता देवी, पप्पू, संजय, इंद्रदेव, विनोद, मंजू के साथ उत्तराखंड इंसानियत मंच के हरी ओम पाली और रघु इत्यादि शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान भीषण गर्मी देखते हुए सामाजिक संस्था दुर्गा वाहिनी के अध्यक्ष द्वारा पानी एवं जल जीरा की व्यवस्था की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *