NQAS प्रमाणन से दून जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन) ने रचा इतिहास,90.75% अंकों ले राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान, मरीजों को मिलेगी बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं

देहरादून

राजधानी देहरादून स्थित जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन अस्पताल) ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणन प्राप्त कर लिया है। केंद्रीय विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए विस्तृत निरीक्षण और सघन ऑडिट में अस्पताल ने 90.75 प्रतिशत अंक अर्जित कर यह सम्मान हासिल किया। यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम भी मानी जा रही है।

NQAS प्रमाणन स्वास्थ्य संस्थानों में उच्च स्तरीय सेवाओं, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण और मरीज संतुष्टि के मानकों को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है। जिला चिकित्सालय देहरादून का यह प्रमाणन बताता है कि अस्पताल ने इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग की योजनाबद्ध कार्यशैली, निरंतर मॉनिटरिंग और टीम वर्क का परिणाम है।

ऑडिट प्रक्रिया के दौरान अस्पताल के 12 प्रमुख विभागों ने शानदार प्रदर्शन किया। इनमें ओपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, आईपीडी, रेडियोलॉजी, लैब, ऑपरेशन थिएटर, मैटरनिटी वार्ड और लेबर रूम सहित अन्य इकाइयाँ शामिल हैं। प्रत्येक विभाग ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए मरीजों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने की अपनी क्षमता को साबित किया। अस्पताल प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, अनुशासन और बेहतर प्रबंधन को दिया है।

इस प्रमाणन का सबसे बड़ा फायदा मरीजों को मिलेगा। अब अस्पताल में इलाज के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा और सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार देखने को मिलेगा। संक्रमण नियंत्रण के बेहतर उपायों और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली से मरीजों का भरोसा और मजबूत होगा। साथ ही, अस्पताल में आने वाले मरीजों को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी।

इस उपलब्धि के साथ जिला चिकित्सालय को केंद्र सरकार की ओर से अगले तीन वर्षों तक हर वर्ष मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का उपयोग अस्पताल के रखरखाव, साफ-सफाई, आधुनिक उपकरणों की खरीद और मरीज सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। इससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और ऊंचा उठेगा और मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने इस सफलता को टीम वर्क, अनुशासन और समर्पण का परिणाम बताया है। राज्य गुणवत्ता आश्वासन (State QA) और जिला गुणवत्ता आश्वासन (District QA) टीम के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन ने इस उपलब्धि को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। यह प्रमाणन राज्य के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के मिशन निदेशक मनुज गोयल ने कहा कि जिला चिकित्सालय देहरादून को मिला NQAS प्रमाणन टीम के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस प्रमाणन से मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। मिशन निदेशक मनुज गोयल ने राज्य गुणवत्ता आश्वासन और जिला गुणवत्ता आश्वासन टीम की सराहना करते हुए कहा कि उनके तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन से यह सफलता संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी गुणवत्ता मानकों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने विशेष रूप से राज्य गुणवत्ता आश्वासन (State QA) टीम एवं जिला गुणवत्ता आश्वासन (District QA) टीम के समर्पित तकनीकी सहयोग एवं मार्गदर्शन की सराहना की, जिनके संयुक्त प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। मिशन निदेशक मनुज गोयल ने कहा कि NQAS प्रमाणन से न केवल मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी, बल्कि स्वास्थ्य संस्थान में कार्यप्रणाली, स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण एवं मरीज संतुष्टि के स्तर में भी निरंतर सुधार सुनिश्चित होगा। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर गुणवत्ता मानकों को अपनाने एवं प्रमाणन की दिशा में अग्रसर होना चाहिए।

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने जिला चिकित्सालय देहरादून को NQAS प्रमाणन मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने अस्पताल की पूरी टीम, डॉक्टरों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा बनती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड के अन्य अस्पताल भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *