देहरादून/नई दिल्ली
मौसम विभाग (IMD) की मानें तो बहुत जल्द हवाओं का रुख पूरी तरह बदलने जा रहा है, इस खबर के बाद से उत्तर भारत के लोगों को झुलसा देने वाली इस भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जागी है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज तूफान और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि, फिलहाल दिल्ली से लेकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक आसमान से बरसती आग और लू जैसी गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर रखा है।
इसको देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटे देश के कई हिस्सों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। लेकिन इसी बीच एक राहत भरी खबर के चलते इस बार मानसून अपने तय समय से पहले दस्तक दे सकता है, जिससे कई राज्यों को इस जानलेवा गर्मी से जल्दी छुटकारा मिल जाएगा।
मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के लोगों को अगले कम से कम 72 घंटों तक भयंकर गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा. कई शहरों में पारा 47°C से 48°C तक पहुंचने की आशंका जताई गई है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश का बांदा देश का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में 26 मई तक लू (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां सुबह से ही तपती हवाएं चल रही हैं और रात का तापमान भी सामान्य से काफी ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि 22 मई की रात से मौसम में कुछ सुधार हो सकता है, जब राजधानी के कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
इस चरम मौसम के बीच सबसे अच्छी खबर दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर आ रही है। मौसम विशेषज्ञों और स्काईमेट के अनुमान के मुताबिक, मानसून अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में एंट्री कर चुका है और सामान्य से काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि मानसून 26 मई तक केरल के तट पर दस्तक दे सकता है, जो कि इसके निर्धारित समय से थोड़ा पहले है. अगर मानसून की यही रफ्तार बनी रही, तो देश के उन हिस्सों और कृषि प्रधान क्षेत्रों को बहुत जल्दी राहत मिलेगी जो इस समय पानी की भारी किल्लत और सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं. फिलहाल केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटीज तेज हो गई हैं और तटीय व पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका इस समय गर्मी की सबसे तगड़ी मार झेल रहा है. बांदा में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जबकि कानपुर, प्रयागराज, झांसी, वाराणसी, नोएडा और आगरा समेत कई बड़े शहरों में लू को लेकर येलो अलर्ट जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 मई के बाद ही मौसम बदलेगा, तब तक लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
बिहार और झारखंड में अचानक पलटेगा मौसम का मिजाज
मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत की सूखी गर्मी के उलट, बिहार में अगले 12 घंटों के भीतर मौसम अचानक करवट ले सकता है. पटना, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों के लिए तेज हवाओं, बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, जबकि नेपाल से सटे इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। हालांकि, गया समेत दक्षिणी बिहार के जिलों में गर्म हवाओं का दौर अभी जारी रहेगा।
वहीं पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आने की आशंका है. प्रशासन ने लोगों को इस दौरान कच्चे मकानों और पेड़ों से दूर रहने की हिदायत दी है।
पंजाब और हरियाणा भी इस समय भयंकर रूप से तप रहे हैं, जहां पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। चंडीगढ़, हिसार, भिवानी और पटियाला में 26 मई तक रेड अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, 22 मई से धूल भरी आंधी और हल्की फुहारों से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद तो है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसके बाद हवा में उमस (Humidity) बढ़ जाएगी, जिससे लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है।
आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ों पर भी देखने को मिलेगा. उत्तराखंड में 21 मई की रात से ही चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में भी 22 और 23 मई को शिमला, कांगड़ा और मंडी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अगले दो दिनों में बारिश और बर्फबारी होने की उम्मीद है, जिससे तापमान गिरेगा और वहां घूमने गए पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।