AISBISF के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर SBI कर्मचारियों ने लंबित मांगों और समस्याओं के विरोध में सोमवार को किया दिन में प्रदर्शन, शाम को’कैंडल मार्च – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

AISBISF के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर SBI कर्मचारियों ने लंबित मांगों और समस्याओं के विरोध में सोमवार को किया दिन में प्रदर्शन, शाम को’कैंडल मार्च

देहरादून

अखिल भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर, बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं के विरोध में देशभर में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल और आंदोलनात्मक कार्यक्रम घोषित किए गए है। इसी श्रृंखला में आज, दिनांक 22 मई 2026 को देहरादून में बैंक कर्मचारियों द्वारा दो कार्यक्रमों-लंच. टाइम प्रदर्शन और शाम को कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। इन दोनों ही आयोजनों में बैंक के लगभग 150 से अधिक कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सोमवार 22 मई 2026 को दोपहर लंच के समय भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय (AO). 1 न्यू कैंट रोड परिसर पर एकत्रित हुए कर्मचारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रबंधन की हठधर्मिता के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उपमहासचिव कमल तोमर ने बताया कि बैंक प्रबंधन द्वारा बैंक कर्मियों की जायज मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा हैं।

वहीं दूसरी ओर सोमवार की शाम को ही निकला शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ‘कैंडल मार्च’ जिसमें शाम 6 बजे मुख्य प्रशासनिक कार्यालय न्यू कैट रोड से एक विशाल कैंडल मार्च (जुलूस) शुरू हुआ।

उपमहासचिव तोमर के अनुसार

हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थामे 150 से अधिक बैंक कर्मचारी बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़े। यह कैंडल मार्च प्रशासनिक कार्यालय से शुरू होकर बहल चौक तक गया और वहां से वापस प्रशासनिक कार्यालय आकर सम्पन्न हो गया।

इस दौरान आम जनता और राहगीरों को कोई दिक्कत ना हो इस बात का बैंक कर्मियों द्वारा विशेष ध्यान रखा गया।

आंदोलन की मुख्य मांगों में

आउटसोर्सिंग पर तत्काल रोक, मेसेंजर, सशस्त्र गार्ड, कृषि सहायक और जीटीएफसी (GTFC) जैसे स्थायी व संवेदनशील कार्यों को निजी हाथों में सौंपना बंद करने, पिछले 29 वर्षों से लंबित मेसेंजर संवर्ग की नियमित भर्ती तुरंत शुरू करने,

वित्त मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार एनपीएस धारक कर्मचारियों को अपना फंड मैनेजर और निवेश पैटर्न चुनने की पूरी आजादी देने,

वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के रोके गए इंटर सर्कल ट्रांसफर को तुरंत बहाल करने जैसी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।

उपमहासचिव कमल तोमर ने यह भी स्पष्ट किया कि सोमवार का यह कैंडल मार्च बैंक प्रबंधन के लिए एक गंभीर संदेश है एवं आगामी 25 और 26 मई 2026 को होने हैं। होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जिम्मेदारी पूर्ण रूप से बैंक प्रबंधन की होगी।

आज के इस कार्यक्रम में देहरादून मॉड्यूल के यूनियन पदाधिकारी कमल तोमर, अनिल शर्मा, अभिलेख थापा, आनंद सिंह रावत, सौरभ पुंडीर, नीरज ध्यानी, दीपशिखा लालेरिया, राजकुमार गर्ग, युवा साथी एवं महिला मौजूद रहे।

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