नकली दवाइयों का कारोबार करने वाले गिरोह का STF ने किया पर्दाफ़ाश,निरस्त लाइसेंस के बावजूद छोएमारी में मिला नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

नकली दवाइयों का कारोबार करने वाले गिरोह का STF ने किया पर्दाफ़ाश,निरस्त लाइसेंस के बावजूद छोएमारी में मिला नकली दवाइयों का बड़ा जखीरा

देहरादून

सीएम उत्तराखंड के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत डीजीपी सेठ द्वारा दिए निर्देशो के क्रम में राज्य को ड्रग्स फ्री बनाने के साथ ही नकली दवाईयों के कारोबार करने वाले लोगो को चिन्हित कर कार्यवाही के निर्देश दिये गये थे, इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस एसटीएफ द्वारा एक टीम का गठन कर नकली दवाईयों का कारोबार करने वाले गिरोह की धरपकड़ हेतु इनपुट विकसिक कर, ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए थे। जिसके अनुक्रम में एसटीएफ टीम द्वारा विभिन्न ब्रांडेड दवाई कंपनियों की जीवन रक्षक दवाईयों की हूबहू नकल कर नकली दवाईयों को तैयार कर बाजार में ऑन लाईन विक्रय करने वाले अर्न्तराष्ट्रीय गिरोह के 02 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। प्राप्त इनपुटो पर एसटीएफ द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसके क्रम में स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखण्ड टीम को इनपुट प्राप्त हुये कि कोटद्वार क्षेत्रान्तर्गत स्थित एक फैक्ट्री अवैध में नकली औषधियों के निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

सूचना का सत्यापन कर तथ्य सही पाये जाने पर एसटीएफ टीम द्वारा अन्य सम्बन्धित विभागो को साथ मे लेकर मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स, सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रतिष्ठान में सघन चेकिंग एवं निरीक्षण अभियान संचालित किया गया।

निरीक्षण उपरांत पाया गया कि उक्त फर्म का औषधि निर्माण लाइसेंस वर्ष 2024 में निरस्त किया जा चुका है, इसके बावजूद परिसर में औषधि निर्माण से संबंधित मशीनें एवं उपकरण पाए गए। मौके से लगभग 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट तथा टैबलेट निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न आकार के 34 पंच उपकरण बरामद किए गए।

प्रथम दृष्टया प्रकरण में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा फैक्ट्री संचालन से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। उत्तराखण्ड में किसी भी औषधि निर्माण इकाई/फैक्ट्री के संचालन हेतु सक्षम प्राधिकारी से वैध लाइसेंस, निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अनुपालन तथा संबंधित विभागों की अनुमति अनिवार्य होती है। लाइसेंस निरस्त होने के उपरांत उत्पादन कार्य किया जाना दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त के दृष्टिगत फैक्ट्री परिसर को नियमानुसार सील कर दिया गया है तथा बरामद सामग्री को कब्जे पुलिस में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है। उक्त फैक्ट्री वर्ष 2021 में कोरोना काल में नकली रेमडेसिविर बनाने के आरोप भी लगे थे । उक्त के अतिरिक्त वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा भी उक्त फैक्ट्री में छापेमारी कर नकली दवाईयों के रेपर व नकली दवाईंयों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया था।

विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी गली नम्बर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश।

फर्म का नाम एवं पता :

मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स, सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार, जनपद पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखण्ड।

बरामद सामग्री….

1. लगभग 03 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट

2. टैबलेट निर्माण में प्रयुक्त 34 पंच उपकरण

एस0टी0एफ0 टीम में …

1. निरीक्षक यादविंदर सिंह बजवा

2. उप निरीक्षक दीपक मेठाणी

3. अपर उप निरीक्षक योगेन्द्र चौहान

4. कांस्टेबल रवि पंत

5. दीपक चन्दोला

6. कांस्टेबल प्रशान्त चौहान

7. कांस्टेबल दीपक नेगी शामिल रहे।

संयुक्त टीम में सम्मिलित अधिकारीगण नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक,सीमा बिष्ट औषधि निरीक्षक ,राजेन्द्र सेमवाल, नायब तहसीलदार एवं आशीष कैमनी, राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे।

अपील…SSP एसटीएफ.ने आम जन समुदाय से अपील है कि किसी भी प्रकार की अवैध औषधि निर्माण इकाई, नकली दवाओं के कारोबार अथवा बिना वैध लाइसेंस संचालित फै्ट्री/संस्थान की जानकारी तत्काल एसटीएफ. अथवा संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं। मानव जीवन एवं स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में इस प्रकार की अवैध गतिविधियां अत्यंत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं तथा समाज के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न करती हैं।

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि औषधियां केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर/विक्रेताओं से ही क्रय करें तथा दवाओं की गुणवत्ता एवं वैधता के प्रति सजग रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। राज्य एसटीएफ. जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने जोर डिटेक्यू कहा कि एसटीएफ से संपर्क हेतु जारी मोबाईल नम्बर- 9412029536 है और सूचनाकर्ता का नाम गोपनीय रहेगा।

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