देहरादून/हल्द्वानी
टांडा क्षेत्र अंतर्गत पीपलपड़ाव जंगल क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी की सनसनीखेज हत्या का नैनीताल पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। घटना शनिवार की है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि 23 मई को भाखड़ा रेंज के प्लॉट संख्या-71 में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना पुलिस को मिली थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल एसपी सिटी मनोज कत्याल, क्षेत्राधिकारी अमित सैनी और प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच और शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां वन विभाग के रेंजर नवीन सिंह रौतेला समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक मोबाइल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय मेवा लाल पुत्र हरी लाल निवासी अलीपुर जित्ता, कौशाम्बी के रूप में हुई, जो वन विभाग में रोपण रक्षक के पद पर तैनात थे।
जांच के दौरान घटनास्थल पर मौजूद चौकीदार तिवारी सिंह पुत्र जय सिंह के बयान पुलिस को संदिग्ध लगे। पूछताछ में उसने बताया कि घटना से पहले रात में उसने और मृतक ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज शुरू हो गई थी।
बयानों में विरोधाभास मिलने पर पुलिस ने तिवारी सिंह को हिरासत में ले थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की। वन बीट अधिकारी पवन कुमार पुत्र शेखर राम की तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा दर्ज किया गया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि शराब के नशे में विवाद इतना बढ़ गया कि उसने आवेश में आकर कुल्हाड़ी से मेवा लाल पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। आरोपी की पहचान तिवारी सिंह पुत्र जय सिंह, निवासी लालपुरी गूलरभोज, दिनेशपुर के रूप में हुई है, जिसकी उम्र 45 वर्ष बताई जा रही है। वह वर्तमान में पीपलपड़ाव ब्लॉक स्थित प्लॉट संख्या. 71 में रह रहा था। एसएस पी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।