देहरादून/वियतनाम/कंबोडिया
दून योगपीठ, देहरादून (उत्तराखंड, भारत) के संस्थापक योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी द्वारा संचालित छठा विश्व शांति अभियान (Vietnam) एवं सातवाँ विश्व शांति अभियान (Cambodia) इन दिनों दक्षिण-पूर्व एशिया में विश्व शांति, योग, मानवीय एकता और सांस्कृतिक सद्भाव का संदेश प्रसारित कर रहे हैं।
छठे विश्व शांति अभियान के अंतर्गत 20 जून 2026 को वियतनाम के न्घे आन प्रांत के कूआ लो स्थित बिन्ह मिन्ह स्क्वायर (Bình Minh Square) में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के दूतावास, हनोई, वियतनाम योग अकादमी, न्घे आन प्रांत की पीपुल्स कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम को न्घे आन प्रांत के संस्कृति, खेल एवं पर्यटन विभाग, विदेश विभाग तथा कूआ लो वार्ड की पीपुल्स कमेटी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
“Yoga for Healthy Ageing स्वस्थ आयु के लिए योग” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में वियतनाम के विभिन्न प्रांतों एवं नगरों से आए 1,500 से अधिक योग साधकों ने सामूहिक रूप से कॉमन योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास किया।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से ले दोआन होप , वियतनाम के पूर्व सूचना एवं संचार मंत्री एवं कार्यक्रम सलाहकार परिषद के अध्यक्ष, डांग क्वोक तिएन, पूर्व उप गृह मंत्री एवं सलाहकार परिषद के सदस्य, दीपा, प्रथम सचिव, भारतीय दूतावास, वियतनाम,मनोज ठाकुर, उपाध्यक्ष, एशिया-प्रशांत योग थेरेपी एसोसिएशन,योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी, संस्थापक, दून योगपीठ, देहरादून, भारत, डांग हुंग , निदेशक, वियतनाम योग अकादमी एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष, न्घे आन प्रांत की ओर से उपस्थित प्रमुख अतिथियों में त्रान क्वोक खान्ह उप प्रमुख, प्रांतीय प्रचार एवं जनसंपर्क आयोग, होआंग वान फुक, उप निदेशक, संस्कृति, खेल एवं पर्यटन विभाग,न्गो डुक कीएन , प्रांतीय पार्टी कार्यकारी समिति के सदस्य, पार्टी सचिव एवं कूआ लो वार्ड पीपुल्स काउंसिल के अध्यक्ष,काओ मिन्ह तू (Cao Minh Tú), अध्यक्ष, कूआ लो वार्ड पीपुल्स कमेटी आदि मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों, संस्थाओं, सामाजिक संगठनों एवं वियतनाम योग अकादमी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वियतनाम के जीएलजी योगा स्कूल,दानांग में आयोजित विशेष समारोह में योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा आज सम्पूर्ण विश्व बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है। एक ओर मानव चंद्रमा और मंगल ग्रह तक पहुँच रहा है, वहीं दूसरी ओर युद्ध और संघर्षों के कारण मानवता संकट में है। ईरान-अमेरिका-इज़रायल तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध तथा विश्व के अनेक क्षेत्रों में बढ़ते संघर्ष इस बात का संकेत हैं कि मानवता को आंतरिक शांति की आवश्यकता है। योग ही वह मार्ग है जो व्यक्ति को भीतर से बदलकर विश्व शांति की नींव रख सकता है।
इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए 21 जून से 24 जून 2026 तक कंबोडिया में सातवाँ विश्व शांति अभियान संचालित किया जा रहा है।
अभियान के दौरान योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने टोनले साप झील के फ्लोटिंग विलेज का दौरा किया तथा फ्लोटिंग स्कूल में अध्ययनरत बच्चों को विश्व शांति अभियान के प्रशस्ति पत्र, मैडल एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने बच्चों एवं स्थानीय समुदाय को शिक्षा, करुणा, सह-अस्तित्व, भाईचारे और विश्व शांति का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि विश्व शांति किसी एक राष्ट्र, संगठन या समझौते से नहीं आएगी, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर शांति और मानवीय संवेदनाओं के जागरण से संभव होगी। योग इसी आंतरिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है।
छठा विश्व शांति अभियान (वियतनाम) और सातवाँ विश्व शांति अभियान (कंबोडिया) भारत की प्राचीन योग परंपरा, “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना तथा विश्व बंधुत्व के संदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से प्रसारित कर रहे हैं।