देहरादून
उत्तराखंड में खनिज परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निदेशालय, भूतत्व एवं खनिकर्म, देहरादून स्थित सभागार में शनिवार को निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म की अध्यक्षता में माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एवं सर्विलांस सिस्टम योजना (MDTSS) के अंतर्गत एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य खनिज परिवहन में लगे वाहनों की जांच के दौरान हैंडहेल्ड ई-रवन्ना चेक डिवाइस का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना था। इस अत्याधुनिक डिवाइस के माध्यम से मौके पर ही यह सत्यापित किया जा सकेगा कि खनिज का परिवहन वैध ई-रवन्ना के आधार पर किया जा रहा है या नहीं। इससे अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी तथा जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनेगी।
प्रशिक्षण सत्र में आईटीआई लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हैंडहेल्ड डिवाइस के संचालन, ई-रवन्ना सत्यापन, डेटा एक्सेस तथा फील्ड में इसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में अपर निदेशक अनिल कुमार, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, खान अधिकारी मुख्यालय श्री ताजबर नेगी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री रविन्द्र बिष्ट, श्री गुणानंद खण्डूरी, आईटीआई कंपनी के प्रतिनिधियों सहित प्रदेश के सभी जिला खान अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
अधिकारियों ने कहा कि MDTSS योजना के तहत आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग से खनिज परिवहन की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी। इससे ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ राजस्व संरक्षण, पारदर्शिता और अवैध खनन पर नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण सफलता मिलने की उम्मीद है।
