ऋषिकेश के श्यामपुर में दिख रहा गुलदार, दो बार कर चुका बच्चों पे हमला, ग्रामीणों और क्षेत्र में भय का माहौल

देहरादून/ऋषिकेश

ऋषिकेश रेंज के खैरी खुर्द ठाकुरपुर क्षेत्र में गुलदार की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार 23 जून की देर शाम ठाकुरपुर में गुलदार ने स्कूटी सवार एक बच्चे पर हमला कर उसे घायल कर दिया।

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में गुलदार से भय का माहौल व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार 25 जून को वन विभाग की टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट टीम और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का गहन निरीक्षण किया।

पहली घटना 23 जून की शाम करीब 8:30 बजे की है, जब ठाकुरपुर-नेपाली फार्म संपर्क मार्ग पर स्कूटी सवार अंश धीमान पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे के पैर और पंजे पर निशान और चोटें आईं। गनीमत रही कि बच्चे ने साहस दिखाया और गुलदार भाग गया।

इसके बाद 25 जून की दोपहर लगभग 1 बजे ठाकुरपुर निवासी शीला बेलवाल के घर में भी गुलदार की मौजूदगी देखी गई। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण खौफ में हैं और रात में घरों से निकलने से भी डर रहे हैं।

घटनाओं की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी मोतीचूर रेंज के नेतृत्व में टाइगर रिजर्व की टीम,और वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड के प्रोजेक्ट ऑफिसर पंकज जोशी, सलाहकार विक्रम सिंह तोमर, स्थानीय जन कमेटी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। टीम ने ठाकुरपुर के जंगल से सटे इलाकों, घटनास्थल और ग्रामीण घरों के आसपास का बारीकी से निरीक्षण किया।

इस अवसर पर रेंजर महेश सेमवाल ने ग्रामीणों ने ग्रामीणों से अपील की है। अंधेरा होने से पहले घर पहुंचें, शाम ढलने के बाद जंगल या सुनसान रास्तों पर न जाएं, रात में निकलना पड़े तो टॉर्च और डंडा साथ रखें, रात में मवेशियों को रोड या खुले में न बांधें, इससे गुलदार गांव की तरफ आकर्षित होता है, बच्चों को अकेले न निकलने दें।

प्रधान प्रतिनिधि आशीष विष्ट, शुभम राणाकोटी के साथ रजत बड़ोनी, दर्शन लाल, दिलमणी डबराल, खुशीराम तिवारी, रोशन लाल खंडूरी, रामानंद थपलियाल, आशीष गौड़, प्रशांत रावत और कृष्णा आदि जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह क्षेत्र जंगल से सटे होने के कारण गुलदार अक्सर रिहायशी इलाकों में आ जाता है। उन्होंने वन विभाग से मांग की कि गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए और गांव में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए। जिससे लोगों को राहत मिल सकें।

रेंजर महेश सेमवाल ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ट्रैप कैमरे लगाकर गुलदार की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। जल्द ही पिंजरा लगाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

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