कोर्ट ने 6 जेल में बन्द बेरोजगारों को दी जमानत, 7 बेरोजगारों की जमानत पर निर्णय कोर्ट का निर्णय सुरक्षित,सोमवार को हो सकती है जमानत – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

कोर्ट ने 6 जेल में बन्द बेरोजगारों को दी जमानत, 7 बेरोजगारों की जमानत पर निर्णय कोर्ट का निर्णय सुरक्षित,सोमवार को हो सकती है जमानत

देहरादून
बेरोजगार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज शनिवार सुबह सीएम पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की। वार्ता के बाद सीएम ने बताया कि वार्ता सकारात्मक रही, लेकिन दूसरी तरफ राजधानी देहरादून में युवाओं के साथ ही कांग्रेस का भी प्रदर्शन जोर-शोर से जारी है। अपने नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर 30 से 35 युवा शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। युवाओं के हंगामे को देखते हुए शहीद स्मारक के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। वहीं शहीद स्मारक पर युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने जा रहे पूर्व सीएम हरीश रावत को पुलिस ने रोक दिया। इससे कांग्रेसियों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस द्वारा कई कांग्रेसियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुख्यालय कूच करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस द्वारा ग्लोब चौक में रोका गया। काफी घंटे तक ग्लोब चौक में रोकने के बाद कार्यकर्ता प्रदर्शन समाप्त कर कांग्रेस भवन जाते वक्त पुलिस को चकमा देकर एश्ले हॉल चौक से परेड ग्राउंड की ओर भागने लगे, जिसके बाद पुलिस ने परेड ग्राउंड के समीप कार्यकर्ताओं को रोका ।
शहीद स्थल पर मिलने जा रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत को पुलिस द्वारा कांग्रेस भवन के बाहर रोड पर रोक लिया गया । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना था कि या तो उन्हें शहीद स्थल बेरोजगारों से मिलने दिया जाए या गिरफ्तार कर लिया जाए।
हालांकि परीक्षा में शामिल होने वाले छह युवाओं की जमानत मंजूर कर दी गई है। जबकि बॉबी पंवार समेत सात की जमानत पर अब सोमवार को सुनवाई होनी है। बार एसोसिएशन के सचिव अनिल शर्मा ने पुलिस और प्रशासन से सोमवार तक कोर्ट कैंपस खाली करवाएं जाने की अपील की है।
वहीं राज्य आंदोलनकारियो ने शहीद स्थल पहुंचकर युवाओं से कहा कि आंदोलकारी उनके साथ हैं लेकिन शहीद स्थल का परिसर खाली करें। आंदोलनकारी युवाओं को समझाते रहे, लेकिन सफल नहीं हुए।
बताते चलें कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पथराव और उपद्रव के आरोपियों की ओर से जमानत की अर्जी लगाई गई है। देहरादून सीजेएम कोर्ट में इस लेकर बहस हुई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ये केवल एक आंदोलन था। पकड़े गए युवा पत्थरबाजी में शामिल नहीं थे। इसके अलावा छह लोगों का पटवारी परीक्षा में भाग लेना भी आवश्यक हैं लिहाजा इन सभी को सशर्त जमानत दे दी जाए। पुलिस ने बचाव का विरोध किया। सीजेएम लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने फिलहाल बाकी 7 बेरोजगारों की जमानत पर निर्णय को सुरक्षित रख लिया है।

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