देहरादून
11 फरवरी को पूजा राठी पत्नी सुनील चिकारा, निवासी मयूर विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून ने थाना रायपुर पर आकर लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि हम अपनी रिश्तेदारी की शादी में दिनांक 9/2/23 को हरियाणा गये थे, दिनांक 11/2/23 को जब हम घर वापस लौटकर आये तो देखा कि हमारे घर से किसी अज्ञात चोर द्वारा घर की आलमारी में रखे हीरे, सोने व चांदी की ज्वैलरी व नगदी चोरी कर ली है । वादिनी की तहरीर के आधार पर तत्काल थाना रायपुर पर मु0अ0सं0 76/2023 धारा 380/457 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत कर विवेचना उ0नि0 राजेश असवाल चौकी प्रभारी मयूर विहार के सुपुर्द की गयी।
घटना की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक/ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा अभियोग के अनावरण हेतु निर्देश जारी किये गये, जिसके क्रम मे सर्वेश पंवार, (पुलिस अधीक्षक अपराध) व सरिता डोबाल (पुलिस अधीक्षक नगर) के मार्गदर्शन एवं अनिल जोशी, क्षेत्राधिकारी नेहरूकलोनी देहरादून के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष रायपुर द्वारा स्वयं चार अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गयी।
गठित टीमो में से प्रथम पुलिस टीम द्वारा पूर्व में चोरी के अपराधों में गिरफ्तार अभियुक्तगणों का सत्यापन कर उनकी वर्तमान स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी । द्धितीय टीम द्वारा चोरी, लूट, नकबजनी के अपराधों में घटना से पूर्व सुद्धोवाला जेल से जमानत व सजा से रिहा हुए अपराधियों व न्यायालय में साक्ष्य हेतु उपस्थित हुए अभियुक्त/अपराधियों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी । तृतीय टीम द्वारा घटना से पूर्व व घटना के पश्चात घटनास्थल के आसपास व आने जाने वाले मार्गो पर लगे सीसीटीवी फुटैज को चैक करते हुये साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी । चतुर्थ टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के लोगो से पूछताछ कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुये अभियुक्तो के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी ।
घटना के अनावरण हेतु की गयी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीम द्वारा घटना से पूर्व व घटना के पश्चात चैक किये लगभग 140 सीसीटीवी कैमरों को चैक करने पर घटनास्थल के पास घटना से पूर्व लगातार तीन दिनों तक एक संदिग्ध व्यक्ति आता-जाता हुआ दिखायी दिया, जिसने अपना चेहरा सॉल से ढका हुआ था तथा वह बाये पैर से लचकता हुआ चल रहा था।
CCTV से संदिग्ध व्यक्ति के हुलिये की फोटो/विडीयो प्राप्त की गयी तथा पूर्व घटित घटनाओं में गिरफ्तार चोरों के हुलिये से मिलान करने पर पाया कि पूर्व में मयूर विहार क्षेत्र में इसी प्रकार की एक चोरी घटना घटित हुई थी, जिसमें एक अभियुक्त शमशाद उर्फ धर्मेन्द्र पुत्र शौकत अली निवासी रसूलपुर बेहट रोड थाना चिलकाना सहारनपुर उत्तर प्रदेश की गिरफ्तार किया गया था, जो बायीं पैर में चोट लगने के कारण लचक कर चलता था, जिसका सत्यापन न्यायालय से करने पर पाया कि शमशाद वर्तमान में जमानत पर चल रहा है तथा घटनास्थल के आस-पास के लोगों को अभियुक्त शमशाद की पूर्व की फोटो को दिखाया गया तो जानकारी मिली की शमशाद घटना से पूर्व मयूर विहार क्षेत्र में आया था।
पुलिस टीम को शमशाद उर्फ धर्मेन्द्र की गिरफ्तारी व माल बरामदगी हेतु उसके पते पर रवाना किया गया। रविवार को अभियुक्त शमशाद उर्फ धर्मेन्द्र को कातला खुर्द चिलकाना रोड सहारनपुर उ0प्र0 से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की गयी, जिसके कब्जे से हीरे व सोने के लगभग 35 लाख कीमत के आभूषण व चोरी के 1,00000/- (एक लाख रूपये) नगद बरामद कर चोरी के माल की शत प्रतिशत बरामदगी की गयी। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस द्वारा चोरी करने में प्रयोग छैनी को आशारोडी के जंगल से बरामद किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त शमशाद उर्फ धर्मेन्द्र(42) पुत्र शौकत अली निवासी रसूलपुर बेहट रोड थाना चिलकाना सहारनपुर उत्तर प्रदेश द्वारा पूछताछ में बताया गया कि मैं पूर्व में मयूर विहार के आस-पास किराये के मकान पर रहता था जिस कारण मुझे मयूर विहार के आने-जाने वाले सभी रास्तों की अच्छी जानकारी थी। पूर्व में भी मेरे द्वारा मयूर विहार में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था जिसमें मैं जेल गया था ।
मैंने यमुनानगर हरियाणा में भी चोरी की थी जिसमें मुझे पुलिस यमुनानगर कोर्ट में ले गयी थी , जहाँ से मैं दिसम्बर 2022 में छूटा था । मेरे चार छोटे-2 बच्चे है । जेल से छूटने के बाद मैंने सहारनपुर में ही कई बार अलग-2 जगहो पर चोरी का प्रयास किया था लेकिन उन घटनाओं में मुझे सामान नही मिल पाया था । जिसके बाद मैने 8 व 9 फरवरी को मयूर विहार क्षेत्र में किसी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए अलग- अलग स्थानो पर रैकी की इस दौरान मुझे मयूर विहार में एक घर के बाहर से ताला लगा हुआ दिखाई दिया उसके बाद मै वही पर रुक कर उस घर की रैकी करने लगा जब रात्रि तक मुझे मकान में किसी प्रकार की कोई गतिविधि नही दिखाई दी तो मैंने उस मकान में चोरी करने की योजना बनायी। दिनांक 9/10 फरवरी की मध्य रात्रि लगभग 2 बजे मैंने मयूर विहार स्थित उक्त मकान के दरवाजे का सेन्ट्रल लाक लोहे की छैनी से तोडकर मकान में प्रवेश किया।
मकान के अन्दर कमरे की आलमारी में रखे हीरे, सोने के जेवरात व रूपये चुराकर मयूर विहार खाले में स्थित झाडी में छुप गया और सुबह 6.30 बजे बिक्रम से आईएसबीटी के रास्ते अपने घर सहारनपुर उत्तर प्रदेश चला गया । मैंने लोहे की छैनी को आशारोडी के जंगल में फेंक दिया था। चूँकि मै पूर्व में हरियाणा में रहा था इसलिए चोरी की उक्त ज्वैलरी व पैसो को छुपाने के लिए मै हरियाणा जा रहा था, जिससे यदि पुलिस मुझे चोरी की घटना में गिरफ्तार भी कर ले तो माल की बरामदगी ना हो सके तथा मै जेल से बाहर आकर अपनी जरुरत के हिसाब से धीरे- धीरे उक्त ज्वैलरी को बेच सकू।
बरामद ज्वैलरी में
1- सोने का हार (गलबन्द हार)
2- सोने का हार मय एक जोडी टाप्स
3- हीरे का पेडेन्ट नुमा हार
4- 2 हीरे के टाप्स
5- सोने की चैन मय पेन्डेट (पेन्डेट का कलर हरा/ओरेन्ज
6- दो टाप्स हीरे/सोना
7- एक हीरा/सोने का पेन्डेट
8- एक हीरा/सोने का मंगलसूत्र सेट/पेन्डेट
9- दो हीरा/सोने के टाप्स जिसमें काली मोती लगी
10- एक सोने की लम्बी चेन मय पेन्डेट (सफेद मोती)
11- एक हीरा/सोने का पेन्डेट (स्टारनुमा अन्दर)
12- सोने का टाप्स की जोडी (जिसमें हीरे का नग लगा है)
13- एक सोने का मांग टीका जिसमें गुलाबी व सफेद मोती लगे है
14- सोने के 2 कडे
15- सोने के 2 कडे सफेद रंग का डिजाइन वाले
16- सोने के 2 कडे जिसमें काली Squaie बने है
17- सोने के 02 चुडी
18- हीरे के टाप्स – 01 जोडी
19- सफेद धातु के झुमके – 01 जोडी
20- सोने के झुमके – 01 जोडी
21- सफेद धातु के झुमके मय नग (जडाऊ झुमके)
22- चांदी की एक अंगुठी जिसमें लाल नग
23- सफेद धातु मोतीजडित हार
24- एक मोती की माला
25- सोने का गुलबन्द हार मिले है ।
पुलिस टीम प्रभारी कुन्दन राम, थानाध्यक्ष रायपुर देहरादून की देख रैख में
1- आशीष रावत, व0उ0निरी0 थाना रायपुर देहरादून,
2- उ0निरी0 राजेश असवाल, थाना रायपुर देहरादून
3- उ0निरी0 नवीन जोशी, थाना रायपुर देहरादून
4- उ0निरी0 राजीव कुमार धारीवाल, थाना रायपुर देहरादून
5- हे0का0 मुकेश बंगवाल
6- का0 सन्तोष कुमार
7- का0 दीपप्रकाश
8- का0 सौरभ वालिया
9- का0 मनोज कुमार
10- का0 रोबिन रमोला
11- का0 सन्दीप कण्डारी
12- का0 हिमांशु कुमार
13- का0 अजय कुमार
14- का0 पंकज ढौंडियाल
15- का0 प्रेम प्रकाश
16- म0का0 मनीषा सेमवाल
17- म0का0 शोभा सेमवाल
18-का0 विमल एलआईयू और तकनीकी सहायक के रूप में एसओजी के का0 किरन कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
वहीं अभियुक्त की गिरफ्तारी कर घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को पुलिस उपमहानिरीक्षक / वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 20,000/- रुपये के पुरुस्कार देने की घोषणा की गई है।