देहरादून
उत्तराखंड के पांच जिलाधिकारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कार्यशैली और प्रशासनिक दक्षता का परचम लहराया है।
फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा जारी ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वेक्षण की प्रारंभिक सूची में राज्य के पांच डीएम को देश के शीर्ष 100 जिलाधिकारियों में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।
फेम इंडिया और एशिया पोस्ट की ओर से किए गए इस सर्वे में देशभर के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया। चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक क्षमता, सुशासन, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, नवाचार, जवाबदेही और विकास कार्यों जैसे 10 प्रमुख मानकों को आधार बनाया गया। इसके साथ ही विशेषज्ञों की राय, ग्राउंड रिपोर्ट और मीडिया विश्लेषण को भी शामिल किया गया।
उत्तराखंड से जिन पांच अधिकारियों को इस प्रतिष्ठित सूची में जगह मिली है, उनमें ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा शामिल हैं।
इन अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सराहा गया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन, आपदा नियंत्रण, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी प्रशासन और नवाचार आधारित कार्यशैली ने इन डीएम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। विशेष रूप से रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा प्रबंधन और हरिद्वार में प्रशासनिक सुधारों को काफी सराहना मिली है।
फेम इंडिया के प्रबंध संपादक के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य उन जिलाधिकारियों के कार्यों को सामने लाना है जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर नेतृत्व और जनसेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं होते, बल्कि वे सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रारंभिक सूची में शामिल अधिकारियों का अब विस्तृत स्टेकहोल्डर सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद अंतिम चयनित अधिकारियों को फेम इंडिया मैगजीन के विशेष अंक में स्थान दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह सूची रैंकिंग के आधार पर नहीं, बल्कि वर्णक्रमानुसार जारी की गई है।