देवी भागवत का चौथा दिन…देवी ने कहा कि मात्र ध्यान मंत्रों से ही मैं प्रकट हो जाऊंगी.. आचार्य सुरेंद्र सुंदरियाल महाराज

देहरादून

ईष्ट देव सेवा समिति एवं डालनवाला जन कल्याण समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयेजित दिव्य श्रीमद् देवी भागवत कथा के चौथे दिन मां धारी देवी नागराजा उपासक आचार्य सुरेंद्र प्रसाद सुन्दरियाल महाराज ने एमडीडीए डालनवाला,कम्युनिटी सेंटर में दिव्य कथा का रसपान कराया।

पूज्य व्यास जी महाराज जी ने राजा जन्मेजय को मां भगवती के उत्तम चरित्र के वर्णन का विस्तार किया।

महाराज ने बताया कि मां भगवती शब्द रूप से किस प्रकार प्रकट होकर समस्त देवताओं के द्वारा निमित्त तेजपुंज में सभी देवताओं द्वारा मां भगवती को वस्त्र भूषण दिव्य अलंकार अस्त्र शस्त्र प्रदान किए गए जिसे मां भगवती ने सहज स्वीकार किया। उन्होंने देवताओं को बोला कि जब भी आपको मेरी आवश्यकता होगी आप मुझे याद कर सकते हैं मुझे ध्यान मंत्रों के द्वारा याद करने मात्र से ही में प्रकट हो जाऊंगी। मां भगवती के इस प्रकार कहने पर समस्त देवता प्रसन्न होकर मां भगवती की सुंदर स्तुति का गुणगान करने लगे। तत्पश्चात राजा जन्मेजय को पूजा व्यास जी ने मां भगवती के चंड मुंड नामक दैत्य एवं महिषासुर दैत्य के मर्दन की कथा को श्रवन कराया जिसमें विशेष रूप से मां भगवती लक्ष्मी जी ने घोर तप करके भगवान विष्णु को प्राप्त किया एवं पुत्र प्राप्ति की इच्छा को पूर्ण किया। कथा के दौरान ही सुन्दर चरित्र एवं सुंदर भवन भजन भक्तों को श्रवण कराए गए विशेषकर के नंदा अष्टमी के महापर्व पर मां भगवती के लोक जागरको भी महाराज जी के श्री मुख से श्रवण कराया गया जिससे सभी भक्तजन झूमने पर विवश हुवे यहां पर कथा को श्रवण करने में क्षेत्र की कीर्तन मंडली एवं मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर अपनी अहम भूमिका निभाई एवं यज्ञ को सफल करने के लिए संकल्पित रहे इस अवसर पर आचार्य मधुसूदन जुयाल, आचार्य सुरेंद्र तिवारी, पंडित मनोज धस्माना, गीता रानी, प्रवीण त्यागी एवं समिति के सम्मानित पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।

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