वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम “प्रारंभ 2026” शुभारंभ – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम “प्रारंभ 2026” शुभारंभ

देहरादून

वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में सोमवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम “प्रारंभ 2026” का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी संकाय, प्रबंधन संकाय, फार्मेसी संकाय एवं महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर, कुलसचिव डॉ. राजेश उपाध्याय एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. विशाल रमोला द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिवार में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष से ही एकजुट होकर सामूहिक भावना के साथ कार्य करने तथा शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व के समग्र विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा एवं विश्वविद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाएं तेजी से डिजिटल हो रही हैं, जिससे पारदर्शिता, अनुशासन एवं कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक विकास के लिए अनेक नई पहल की जा रही हैं।

नए पाठ्यक्रमों के बेहतर एकीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यापक ज्ञान एवं नए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा ऐसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिनसे विद्यार्थियों का शैक्षणिक, तकनीकी, सामाजिक एवं व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित हो सके।

मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को एक भारत श्रेष्ठ भारत, स्वच्छता अभियान एवं नशा मुक्ति अभियान जैसी सामाजिक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, रचनात्मकता एवं समग्र विकास को बढ़ावा देने पर बल देती है। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा एवं क्षेत्रीय भाषाओं के साथ-साथ अधिक से अधिक भाषाएं सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बहुभाषिक ज्ञान विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं अवसरों के दायरे को व्यापक बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में प्रवेश के बाद अपने अनुभव साझा करने तथा विश्वविद्यालय में आवश्यक सुधार एवं नई पहलों के संबंध में रचनात्मक सुझाव देने का भी आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के साथ सकारात्मक एवं सम्मानजनक संबंध स्थापित करने तथा प्रत्येक दिन कुछ नया सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के अनुरूप नई पीढ़ी को ज्ञान, कौशल, नवाचार एवं जिम्मेदारी से सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांव और प्रदेश तभी सशक्त एवं विशिष्ट बनेंगे, जब हमारी युवा पीढ़ी शिक्षित, कुशल एवं जागरूक होगी।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक अतिरिक्त बालिका छात्रावास एवं एक नए मल्टीपर्पज हॉल की व्यवस्था के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही पुस्तकालय, कंप्यूटर एवं विद्यार्थियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नए एवं उपयोगी सुझाव साझा करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद भी किया और उनकी अपेक्षाओं, अनुभवों एवं सुझावों को जाना। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक संवाद में भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सहायक प्राध्यापक डॉ. विशाल रमोला द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

यह इंडक्शन कार्यक्रम 17 से 22 अगस्त, 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन विषय-विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर व्याख्यान एवं सेमिनार के माध्यम से मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न गतिविधियों एवं उपलब्ध अवसरों से परिचित साथ-साथ उन्हें सकारात्मक, अनुcशासित, जिम्मेदार एवं नवाचारपरक शैक्षणिक यात्रा के लिए तैयार करना है।

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