देहरादून
मंत्री दुग्ध विकास द्वारा बद्री गाय घी व पहाडी घी के विपणन हेतु यू०सी०डी०एफ० व टाटा कंज्यूमर्स प्रा० लि० के मध्य हुए एम०ओ०यू० के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी। टाटा कंज्यूमर्स प्रा० लि० के साथ अनुबन्ध से आंचल ब्राण्ड की वैल्यू बढेगी तथा राष्ट्रीय स्तर पर पहचान से आंचल के उत्पादों के विपणन में भी वृद्धि होगी जिससे दुग्ध सहकारी समितियों से जुडे प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को उनके द्वारा उपार्जित दूध का उचित एवं बेहतर दुग्ध मूल्य भुगतान प्राप्त हो सकेगा।
दुग्ध विकास मंत्री द्वारा विगत 04 वर्षों में राज्य सरकार के सहयोग से विभाग अन्तर्गत हुए सराहनीय कार्यों के लिये विभागीय कार्मिकों/अधिकारियों की प्रसंशा की गयी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में औसत दैनिक दुग्ध उपार्जन 2.37 लाख ली०/दिन एवं एक दिन का अधिकतम दुग्ध उपार्जन 2.97 लाख ली० रहा। आगामी वित्तीय वर्ष के लिये 3.25 लाख ली० दुग्ध उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। दुग्ध उत्पादकों के दुग्ध मूल्य में वृद्धि एवं दुग्ध मूल्य भुगतान हेतु अधिकतम 14 दिवस की अवधि निर्धारित किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। सभी दुग्ध संघ अपने व्यापार के लाभ का न्यूनतम 20 प्रतिशत अंश रक्षित करें एवं राज्य सरकार पर संस्थाओं की निर्भरता को कम करें।
