देहरादून
केबिनेट मंत्री , गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय स्थित देवेन्द्र शास्त्री भवन (एफआरडीसी) के सभागार कक्ष में सह अध्यक्ष/ उपाध्यक्षों/ सदस्यों, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति उत्तराखण्ड, सचिव (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग), आयुक्त (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग) एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
जिसमें मंत्री, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग द्वारा निम्नवत् निर्देश दिये गये….
गन्ना कृषको को उच्च शर्करायुक्त बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय।
सहकारी/सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों का आगामी पेराई सत्र 2028-27 का संचालन अनिवार्य रूप से दिनांक 10 नवम्बर, 2026 तक प्रारम्भ किया जाना सुनिश्चित किया जाय।
चीनी मिल डोईवाला के अंतर्गत संचालित गन्ना कय केन्द्रों मुख्यतः विकासनगर परिक्षेत्र से गन्ना उठान की व्यवस्था सुदृढ़ की जाय।
महनुभावों को हरिद्वार क्षेत्र में होने वाली आगामी गोष्ठी / चौपालों में विशेष अतिथि के रूप में अनिवार्यतः आंमत्रित किया जाय।
महानुभावो को अन्य गन्ना उत्पादक राज्यों में भ्रमण हेतु रोस्टर तैयार किया जाए, जिससे गन्ने में नवाचार को बढ़ावा मिले।
सहकारी/सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा आगामी पेराई सत्र 2026-27 के संचालन के लिए ट्रायल हेतु
बैगास की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाय।
आपदा से हरिद्वार / ऊधमसिंह नगर में हुई क्षति का आंकलन करा लिया जाय।
1. मंजीत सिंह, सह अध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, ऊधमसिंह नगर, उत्तराखण्ड ।
2. श्यामवीर सैनी, उपाध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
3. ओमवीर सिंह राघव, उपाध्यक्ष, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, देहरादून, उत्तराखण्ड।
4. सुभाष भट्ट, सदस्य, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
5. रेवाघर ब्रजवासी, सदस्य, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
6. दिनेश कौशिक, सदस्य, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
7. डा०आशुतोष सिंह, सदस्य, प्रदेश स्तरीय गन्ना विकास सलाहकार समिति, हरिद्वार, उत्तराखण्ड।
8. डा०एस०एन० पाण्डेय, सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड शासन
8. त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड।
