देहरादून
उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच द्वारा आहूत 30 व 31 अगस्त 2026 को प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय राज्य आन्दोलनकारियों का सम्मेलन कराने के विषय को लेकर मंच के पदाधिकारियों द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई।
पत्रकारों को संबोधन में कहा गया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कर कमलों से होगा,दो दिवसीय सम्मेलन में चार सत्र आयोजित किए जाएंगे और हर सत्र का विषय अलग होगा।
पहले दिन 30 तारीख का पहला सत्र 10.30 बजे शुरू होगा जो दिन में 1.45 तक चलेगा। यह सत्र पुरी तरह उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों को ही समर्पित रहेगा, जिसमें कि राज्य आन्दोलनकारियों की समस्याओं पर चर्चा व समाधान पर जोर रहेगा।
पहले दिन के दूसरे सत्र में 2.30 बजे दोपहर को शुरू होकर देर सांय तक चलेगा। जिसका विषय ‘उत्तराखण्ड राज्य के विकास में भोगोलिक चुनौतियों ओर समाधान’ रहेगा।
वहीं दुसरे दिन 31 अगस्त का पहला सत्र 10.30 से शुरू होगा जो 1.45 तक चलेगा। इस का विषय उत्तराखण्ड राज्य के शहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड कितना साकार हुआ सपना’ रहेगा।
दुसरे सत्र का आंरभ दोपहर 2.30 बजे से होगा जो देर सांय तक चलेगा। इस सत्र का विषय ‘उत्तरखण्ड की बोली, भाषा वा संस्कृति का संरक्षण’रखा गया है।
दुसरे सत्र के अंत में सास्कृतिक कार्यकम भी आयोजित होगें।
हर सत्र के मुख्य अतिथि ओर विशिष्ठ अतिथि अलग अलग होंगे तथा वक्ता भी अलग होंगे।
अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य राज्य की चुनौतियों पर चर्चा कर उसका समाधान के साथ आकलन कर एक दस्तावेज तैयार किया जायेगा। उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी मंच का यह मानना है कि आज 26 साल बाद भी हम लोग” कैसा हो राज्य हमारा” पर कोई ब्लूप्रिन्ट तैयार नहीं कर पाये है, इस सम्मेलन में चर्चा में ऐसा हम कर पायें यही सम्मेलन की सफलता होगी। सम्मेलन मे चर्चा के बाद तैयार इस दस्तावेज को सरकार को सौंपा जाएगा वा उनसे अनुरोध किया जाएगा की जनता की आवाज को सुन उस पर त्वरित कार्यवाही हो।
इस प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में पुरे 13 जिलों के राज्य आन्दोलनकारी शामिल हो रहें है, उनकी रहने खाने की उचित व्यवस्था भी मंच द्वारा कर ली गई है।
