देहरादुन
अखिल भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के देशव्यापी आंदोलनात्मक आह्वान के क्रम में शुक्रवार 15 मई 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन (SBISA), देहरादून मॉड्यूल द्वारा प्रशासनिक कार्यालय पर दोपहर भोजन अवकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बैंक प्रबंधन द्वारा लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी और द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन के प्रति रोष प्रकट करना था।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उप-महासचिव कमल तोमर ने बैंक प्रबंधन के समक्ष रखी गई मुख्य मांगों को विस्तार से समझाते हुए कहा कि बैंक द्वारा स्थायी और बारहमासी कार्यों (जैसे ग्लोबल ट्रेड फाइनेंस, मेसेंजर और सुरक्षा कार्य) को अवैध रूप से आउटसोर्स किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के निर्देशों के बावजूद SBI कर्मचारियों को NPS के तहत अपना फंड मैनेजर चुनने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है।
2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के इंटर-सर्कल तबादलों पर बैंक ने एकतरफा रोक लगा दी है, इसके साथ ही संवेदनशील बैंकिंग कार्यों में बाहरी कर्मियों की तैनाती से ग्राहकों के डेटा और केवाईसी (KYC) की सुरक्षा पर संकट बना हुआ है।
शुक्रवार के प्रदर्शन में देहरादून मॉड्यूल के कर्मचारियों ने भाग लिया और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित कर्मचारियों का धन्यवाद दिया और विश्वास जताया कि आगामी 25 और 26 मई 2026 को होने वाली दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल ऐतिहासिक होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की होगी।
आज के प्रदर्शन में कमल तोमर, अनिल शर्मा, अभिलेख थापा, नीरज ध्यानी, दीपशिखा लालेरिया, पूनम खरे, साक्षी, एकता यादव, मयंक अग्रवाल व अन्य कर्मचारी सदस्य समिल्लित हुए।

