STF/ANTF उत्तराखण्ड ने प्रतिबंधित ट्रामाडोल तस्करी गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को हरिद्वार र्क्षेत्र से 77 पेटी के साथ किया गिरफ्तार

देहरादून

प्रदेश के मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के अंतर्गत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशानुसार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में राज्यभर में नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में दिनांक 11 मई 2026 को एसटीएफ/एएनटीएफ एवं थाना मंगलौर पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई में 18,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए थे। इस संबंध में थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार पर मु0अ0सं0 257/2026, धारा 8/22/29/60 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए उक्त अभियोग की विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स देहरादून से सम्पादित की जा रही है। विवेचना के दौरान पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त सचिन मनिहाल से प्राप्त साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों एवं तकनीकी जांच के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति पुत्र श्री राजेन्द्र कुमार निवासी मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश की भूमिका प्रकाश में आई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त अंकित कुमार प्रजापति जनवरी 2026 से सह-अभियुक्त सचिन मनिहाल से SPASMORE (Tramadol) Capsules प्राप्त कर हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से सप्लाई करता था। प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से प्राप्त धनराशि में अपनी कमीशन काटकर शेष राशि सह-अभियुक्त को नकद एवं बैंक खाते के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती थी।

पूछताछ एवं उपलब्ध साक्ष्यों से यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त को जनवरी 2026 से अब तक लगभग 77 पेटियां (करीब 6,930 डिब्बे) SPASMORE कैप्सूल विभिन्न खेपों में प्राप्त हुई थीं। दिनांक 27 अप्रैल 2026 को भेजी गई खेप के संबंध में अभियुक्त के बयान बैंक लेन-देन एवं डिजिटल साक्ष्यों से पूर्णतः पुष्ट हुए हैं। विवेचना में यह भी पाया गया कि अभियुक्त ने पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से सह-अभियुक्त के साथ की गई महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट एवं कॉल रिकॉर्ड जानबूझकर डिलीट कर दिए थे, जिनकी पुष्टि डिजिटल साक्ष्यों से हुई।

एसटीएफ टीम ने अभियोग में कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अभियुक्त अंकित कुमार प्रजापति को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक JIO कीपैड मोबाइल फोन एवं एक VIVO V50e मोबाइल फोन बरामद कर कब्जे पुलिस लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु सीज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा बताया गया कि अभियुक्त अंकित के विरुद्ध पंजाब, दिल्ली व उत्तर प्रदेश में 4 अभियोग पंजीकृत है तथा अभियुक्त के फॉरवर्ड एवं बैकवर्ड लिंक, आर्थिक लाभ, बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों तथा पूरे सप्लाई नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भी शीघ्र प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

*गिरफ्तार अभियुक्त*

अंकित कुमार प्रजापति पुत्र राजेन्द्र कुमार प्रजापति

निवासी – नियाजूपुरा माजरा, शहाबुद्दीनपुर, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)

हाल निवासी – संतुष्टि विहार, प्रदीप बिहार कॉलोनी, रुड़की, जनपद हरिद्वार।

*बरामदगी*

• एक JIO कीपैड मोबाइल फोन।

• एक VIVO V50e मोबाइल फोन।

*पुलिस टीम*

• निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा

• उपनिरीक्षक कमाल हसन

• उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी

• हेड कांस्टेबल मनमोहन

• हेड कांस्टेबल कैलाश नयाल

• कांस्टेबल रवि पंत

• कांस्टेबल दीपक नेगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें तथा नशा तस्करी से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखण्ड को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

*एसटीएफ हेल्पलाइन:*

☎️ 0135-2656202

📱 9412029536

*Manas helpline*

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