धामी कैबिनेट द्वारा प्रदेश के 1845 शहीदों की मूर्तियां को उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का निर्णय वीरभूमि उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक…महेंद्र भट्ट

देहरादून

उत्तराखंड में भाजपा ने सभी शहीदों की मूर्तियां को गांवों में स्थापित करने के निर्णय को नई पीढ़ियों को देशप्रेम और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने वाला बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने धामी कैबिनेट के सड़क मार्गों को लेकर लिए निर्णयों की प्रशंसा करते हुए, बढ़ते और जुड़ते उत्तराखंड के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाने वाला बताया है। वहीं उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य समान वेतन के निर्णय समेत अन्य कैबिनेट निर्णयों को अहम बताते हुए स्वागत किया है।

उन्होंने कैबिनेट निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट द्वारा प्रदेश के 1845 शहीदों की मूर्तियां को उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का निर्णय वीरभूमि उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक है। जिसमें अब तक अल्मोड़ा के 141 बागेश्वर 113 चमोली 260 चंपावत साथ देहरादून 216 हरिद्वार 15 लैंसडाउन 212 पौड़ी 145 नैनीताल 113 पिथौरागढ़ 342 रुद्रप्रयाग 573 96 उधम सिंह नगर 61 और उत्तरकाशी के 14 शहीदों के नाम शामिल हैं।

उनहीं कहा, ये एक ऐसा फैसला है जो हमारे शहीदों की वीरता और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। उनकी शहादत को हमेशा जिंदा रखते हुए, युवाओं को हमेशा देशप्रेम के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कहा, शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का निर्णय सिर्फ एक स्मारक बनाने की पहल तक सीमित नहीं है। बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों को शहीदों की वीरगाथा और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनाने वाला है। इस एक फैसले से शहीद सैनिक के परिवार के मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

उन्होंने प्रत्येक उत्तराखंडवासी के दिल को छू लेने वाले फैसले के लिए मुख्यमंत्री धामी का हृदय से आभार व्यक्त किया है। क्यूंकि भाजपा का मानना है कि शहीद केवल किसी एक परिवार के नहीं होते, वे पूरे देश और समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनके बलिदान को सम्मान देना हम सभी का दायित्व होना चाहिए। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी कहा जाता है। यहां के हजारों जवान देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं। ऐसे वीर सपूतों को उनके गांव में सम्मान मिलना पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है।

इसी तरह उन्होंने सड़कों के सुधार को लेकर धामी सरकार की गंभीर पहल का स्वागत करते मुख्यमंत्री का आभार जताया है। कहा कि मानसून के बाद प्रदेश की सड़कों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने की तैयारी और निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण करने के निर्देश धामी सरकार की दूरदर्शिता और जनसुविधाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। क्यूंकि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और ग्रामीण विकास की जीवनरेखा हैं। उसपर विशेष रूप से मुख्यमंत्री के अक्टूबर माह से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करने के निर्णय प्रशंसनीय है। जो दर्शाता है कि धामी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और स्थानीय निकायों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश की बढ़ते और जुड़ते उत्तराखंड की तस्वीर और बेहतर होगी।

इसी तरह उन्होंने उपनल कर्मियों को समान कार्य समान वेतन का अधिकार देने के निर्णय को लाखों चेहरों पर खुशी लाने वाला बताया। कबिनेट के इस निर्णय से साबित पुनः हुआ है कि भाजपा सरकार जनता से प्रत्येक वादे को निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संकल्पबद्ध होकर कदम बढ़ाती है। वहीं उन्होंने कैबिनेट में लिए अन्य जनकल्याणकारी निर्णयों को भी राज्य के अहम बताते हुए स्वागत किया है।

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