देहरादून
डीएवी (पीजी) कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की 2 इकाइयों द्वारा आयोजित 7 दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत वीरवार को तीसरे दिन युवा छात्रा एन.एस.एस. स्वयंसेवकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रौं का सफलतापूर्वक एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ज्योति सेंगर और डॉ. रेणुका रावत द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन किया गया।
सामाजिक जागरुकता, स्वास्थ्य सुरक्षा और युवाओं में सेवा भावना विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में स्वयंसेवकों ने विभिन्न रचनात्मक एवं जीवन रक्षक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वीरवार को शिविर के अंतर्गत ‘नशा मुक्त समाज’ विषय पर एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। छात्रा एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने उत्तराखण्ड राज्य बाल कल्याण परिषद के आमवाला तरला स्थित जवाहर बाल भवन, देहरादून परिसर के आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर पोस्टरों और नारों के माध्यम से स्थानीय निवासियों को नशे के दुष्प्रभावों के पति सचेत किया। स्वयंसेवकों ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) विभाग के सहयोग से आयोजित एक राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के विशेष सत्र में स्वयंसेवकों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन’ (सीपीआर) का प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने आपातकालीन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए आवश्यक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस सत्र के माध्यम से पतिभागियों ने प्राथमिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन के गुर सीखे, जो किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के समय अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
आज डी.ए.वी. महाविद्यालय के शिविर में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि एनएसएस का मूल मंत्र ‘स्वयं से पहले आप (Not Me Hat You) है, जिसे सार्थक करने के लिए विद्यार्थियों को निरंतर समाज सेवा के कार्यों से जुड़ा रहना चाहिए। डॉ. ज्योति सेंगर और डॉ. रेणुका रावल ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सात दिवसीय शिविर के माध्यम से सीखे गए जीवन कौशल और सेवा के संस्कार स्वयंसेवकों के व्यक्तिगत विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।