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मधुमक्खी पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीको का प्रयोग कर किसान कमा सकते है लाभ.. डाॅ.डोभाल

मधुमक्खी पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीको का प्रयोग कर किसान कमा सकते है लाभ.. डाॅ.डोभाल

देहरादून

 

पं. दीन दयाल उपाध्याय विज्ञान ग्राम संकुल परियोजना के अन्र्तगत यूकाॅस्ट के परिसर में दो दिवसीय मधुमक्खी पालन एवं प्रसंस्करण और खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला समन्वयक यूकाॅस्ट डाॅ.प्रशान्त सिंह, द्वारा किसानो को सम्बोधित करते हुए कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमो के माध्यम से किसान विभिन्न वैज्ञानिक तकनीको के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपने संकुल को एक विज्ञान ग्राम संकुल के रुप में विकसित कर सकते है।

 

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डाॅ. बीपी पुरोहित ने कहा कि किसान संकुलो में माल्टे एवं बुरास का जूस बनाकर अपनी आजीविका में सुधार कर सकते है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ. डीपी उनियाल, संयुक्त निदेशक ने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमो की सहयता से किसान अपने संकुल में मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीको का प्रयोग कर अपनी आजीविका में सुधार कर सकते है। किसान पहाडो में एपिस सेरेना इंडिया मधुमक्खी के साथ एपिस मैलिफेरा मधुमक्खी का पालन कर अपनी आय बढा सकते है। उन्होने साथ ही कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के अन्र्तगत किसान माल्टे एवं बुरास का जूस बनाये, परिषद उन जूस के नमूने लेकर मानको का परीक्षण कर उसका पंजीकरण करवायेगी।

 

शिखर फूड प्रोडक्टस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एसपी नौटियाल के द्वारा बताया गया कि खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्र्तगत किसानो को विभिन्न प्रकार के जैम, अचार एवं जूस का प्रशिक्षण दिया जायेगा। कृषिवन केन्द्र के सचिव केशव शर्मा ने कहा कि किसान एपिस मैलीफेरा का पालन कर अधिक लाभ पा सकते है। इस अवसर पर मधुमक्खी विशेषज्ञ सीपी भट्ट के द्वारा किसानो को मधुमक्खी पालन के पारंपारिक एवं आधुनिक तरीको के बारे में जानकारी दी गयी।

 

डाॅ0 पीयूष जोशी, वरि0 वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन किया गया, उन्होने बताया कि पं0 दीन दयाल उपाध्याय विज्ञान ग्राम संकुल परियाजना के अन्र्तगत स्थापित चार संकुलो बजीरा, भिगुन, कौसानी एवं गैंडीखाता के 30 प्रतिभागियो द्वारा इस मधुमक्खी पालन एवं प्रसंस्करण और खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जा रहा है। साथ ही बताया कि चारो संकुलो में मधुमक्खी पालन एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जा चुकी है। इस अवसर पर अमित पोखरियाल, देवेन्द्र सिंह, संतोष रावत, पारस उपाध्याय उपस्थित थे।

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