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ऋषिकेश एम्स पहला सरकारी अस्पताल होगा जिसमें लिसियोंन तकनीक से लैस केंसर रेडिएशन मशीन होगी… पद्मश्री रविकांत

ऋषिकेश एम्स पहला सरकारी अस्पताल होगा जिसमें लिसियोंन तकनीक से लैस केंसर रेडिएशन मशीन होगी… पद्मश्री रविकांत

देहरादून/ऋषिकेश

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में रेडिएशन ओंकोलॉजी विभाग में आधुनिकतम कैंसर रेडिएशन थैरेपी मशीन जल्द स्थापित होगी, हे​ल्सियोन नामक लेटेस्ट तकनीकि पर आधारित इस मशीन से लैस एम्स ऋषिकेश देश का पहला सरकारी अस्पताल होगा। ऐसा संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत के सतत प्रयासों से संभव हो पाया है। जिसका सीधा लाभ कैंसर से ग्रसित मरीजों को रेडिएशन थैरेपी के लिए मिलेगा और उन्हें इसके लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान में कैंसर से ग्रसित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, लिहाजा विकिरण चिकित्सा विभाग में कैंसर ग्रसित मरीजों की सिकाई (रेडिएशन थैरेपी) के लिए मरीजों को महीनों इंतजार करना पड़ता है। जिससे उनकी तकलीफ बढ़ जाती है। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत ने बताया कि मरीजों की महीनों लंबी वेटिंग सूची के मद्देनजर ही संस्थान में नई व आधुनिकतम तकनीक पर आधारित हेल्सियोन मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया ​कि इस मशीन को स्थापित करने वाला ऋषिकेश एम्स देश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, यह तकनीक फिलहाल दिल्ली एम्स, पीजीआई आदि सरकारी संस्थानों में भी उपलब्ध नहीं है। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया ​कि करीब 15 करोड़ लागत की इस मशीन को एम्स संस्थान में स्थापित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सीएसआर मद से 10 करोड़ रुपए की सहायता दी है,जबकि अवशेष धनराशि भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई है। संस्थान के डीन एकेडमिक व रेडिएशन ओंकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि एम्स में रेडिएशन थैरेपी के लिए मरीजों की 9 महीने की वेटिंग चल रही है। लिहाजा एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत के अथक प्रयासों से संस्थान में आधुनिक तकनीक की मशीन को स्थापित किया जा रहा है,जिससे मरीजों को अब रेडिएशन थैरेपी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस हेल्सियोन मशीन एम्स संस्थान में अप्रैल माह तक स्थापित कर दी जाएगी।

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