देहरादून
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड की प्रभावी पहल पर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार पाण्डेय द्वारा दिनांक 22 जून 2026 को मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन को प्रेषित पत्र के माध्यम से वर्ष 2025-26 की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों (ACR) के संबंध में उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया था।
परिषद द्वारा अपने पत्र में अवगत कराया गया था कि अनेक विभागों में ACR Batch Creation की प्रक्रिया समय पर पूर्ण नहीं हो सकी, जिसके कारण वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों के अंकन एवं निस्तारण की कार्यवाही प्रभावित हो रही थी। साथ ही कई कार्यालयाध्यक्षों के सेवानिवृत्त होने तथा तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से निर्धारित समयावधि में आवश्यक कार्यवाही पूरी नहीं हो पाई थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिषद ने कर्मचारियों के व्यापक हित में आवश्यक राहत प्रदान करने का अनुरोध किया था।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अनुरोध पर सकारात्मक संज्ञान लेते हुए उत्तराखण्ड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने दिनांक 3 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर वर्ष 2025-26 की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों से संबंधित ऑनलाइन Workflow/मूलभूत सूचनाएं तैयार करने की समय-सीमा आदेश निर्गत होने की तिथि से 7 कार्यदिवस तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही संबंधित कार्मिकों द्वारा स्वमूल्यांकन अंकित करने की समय-सीमा में भी 07 कार्यदिवस की वृद्धि की गई है। शासन ने निर्देश दिए हैं कि अन्य समस्त कार्यवाहियां पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही संपादित की जाएं।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे विभिन्न विभागों में लंबित ACR संबंधी कार्यवाहियां समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकेंगी तथा हजारों कर्मचारियों को अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाइयों से राहत मिलेगी। परिषद ने शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय को परिषद भविष्य में भी पूरी गंभीरता एवं तथ्यपरक ढंग से शासन के समक्ष उठाती रहेगी, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।

