देहरादून
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) की नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने दल का नीति दस्तावेज़ ‘संकल्प नए उत्तराखंड का’, का प्रथम भाग जारी किया।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जारी किए गए इस दस्तावेज में यूकेडी ने भविष्य को लेकर अपनी दिशा को स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
डॉ.जंतवाल ने आज के नीति एजेंडे की मुख्य पांच प्राथमिकताएं की घोषणा कर कहा कि यदि जनता का समर्थन मिला तो अनुच्छेद-371 के तहत उत्तराखंड को विशेष संवैधानिक सुरक्षा, मूल निवास व्यवस्था को कानूनी मान्यता, राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त व आधुनिक भू-कानून, पलायन का स्थायी समाधान और आरक्षण के भीतर आरक्षण लागू कर वास्तविक वंचित वर्गों तक न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
नीति निर्धारण समिति के संयोजक डॉ. सुरेश सिंह नेगी ने इस मौके पर नीति दस्तावेज़ के पांचों प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास, युवाओं के भविष्य और राज्य की अस्मिता की रक्षा के लिए इन मुद्दों पर ठोस नीति निर्माण अनिवार्य है। दल के नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मूल निवास व्यवस्था किसी के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मूल निवासियों को शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकार, सरकारी योजनाओं, उद्यमिता व सरकारी निविदाओं में न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।
पत्रकारों को उनके सवालों के जवाब में यूकेडी के शीर्ष नेता व पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने कहा कि संकल्प नए उत्तराखंड का केवल चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य, स्वाभिमान और स्थायी विकास का नीतिगत दस्तावेज़ है, जिसे व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेस वार्ता के दौरान दल यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, केंद्रीय महामंत्री विजय बौड़ाई, डॉ. शक्तिशैल कपरवान, नीति निर्धारण समिति के सदस्य पंकज व्यास व मीनाक्षी घिड़ियाल, वरिष्ठ नेता लताफ़क हुसैन, कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत आदि मौजूद थे।

