देहरादून
वीरवार को सायं लगभग 5 बजे 220/132/33 kV उपस्थान सिडकुल हरिद्वार में 80 MVA पॉवर ट्रांसफार्मर में ट्रिपिंग की सूचना प्रांतीय भार निस्तारण केंद्र, देहरादून को प्राप्त हुई।
सूचना प्राप्त होते ही तत्काल पॉवर ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग का कार्य प्रारंभ किया गया हालांकि बीच बीच में बारिश के कारण बाधा भी आती रही। सायं 8 बजे तक यद्यपि की ट्रांसफार्मर के टेस्टिंग का कार्य चलने के बीच ही किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए MD, PTCUL एवं UPCL पी.सी. ध्यानी द्वारा रात के 10 बजे, PTCUL मुख्यालय स्थित प्रांतीय भार निस्तारण केंद्र, देहरादून में PTCUL और UPCL के आला अधिकारियों की बैठक आहूत की गई। बैठक में हरिद्वार और रुड़की के UPCL एवं PTCUL के परिचालन और परीक्षण के सभी अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।
बैठक में ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की आकस्मिक परिस्थिति में वैकल्पिक लाइनो के तत्काल निर्माण एवं उपलब्ध लाइनों के उपयोग सहित क्षेत्र में उपलब्ध वितरण एवं पारेषण अवसंरचना के इष्टतम उपयोग पर चर्चा कर बिद्युत आपूर्ति को किस प्रकार सुचारू रखा जाए, इस पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके अतिरिक्त 220 kV उपसंस्थान सिडकुल हरिद्वार में एक 40 MVA अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर पहुचाते हुए विद्युत आपूर्ति बहाल रखे जाने हेतु निर्णय किया गया। 40 MVA पॉवर ट्रांसफार्मर को बिजलीघर पहुचाये जाने के लिए आवश्यक टीमों के मोबलाइज़ेशन के साथ-साथ वितरण एवं पारेषण के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता एवं उनको कल प्रातः काल से ही उठाये जाने के आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किये गये।
ध्यानी द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि PTCUL और UPCL को एक टीम की भाँति इस आशय के साथ काम करना है कि इस आकस्मिता की परिस्थिति में सम्मानित उपभोक्ताओं को यथासंभव कम से कम परेशानी का सानमा करना पड़े।
ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की परिस्थिति में 80 MVA के नए ट्रांसफार्मर को यथाशीघ्र स्थापित किए जाने में लगने वाले समय को कम से कम किए जा सकने पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा की गई।
ध्यानी द्वारा UPCL एवं PTCUL के साथ साथ सम्मानित उपभोक्ताओं से भी अपील की, कि इस संभावित संकट की स्थिति में धैर्य बनाये रखें तथा अधिकारिओं एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सुरक्षित रहते हुए सभी आवश्यक कार्य आवश्यक समन्वय बनाये रखते हुए द्रुत गति से यथाशीघ्र पूर्ण किए जायँ।
