देहरादून
पिछले काफी समय से बीमारी से जूझ रहे मेजर जनरल (रि.) भुवन चंद्र खण्डूडी , पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं भारत सरकार में पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री का 19 मई को देहावसान हो गया,जिनकी बुधवार को हरिद्वार में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टी की गई।
उनके देहावसान के बाद वीरवार को उनके सुपुत्र मनीष और सुपुत्री ऋतु खंडूरी ने जनता का आभार जताया है,जिसके लिए एक पत्र जारी किया गया है।
संयुक्तव रूप से जारी आभार पत्र में उन्होंने कहा कि मे. जन.(रि.) भुवन चंद्र खण्डूडी , पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड एवं भारत सरकार में पूर्व केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, के देहावसान पर देश-प्रदेश से उमड़े अपार स्नेह, सम्मान, संवेदनाओं एवं श्रद्धांजलि के लिए हम हृदय की गहराइयों से कृतज्ञ हैं।
इस अत्यंत दुःखद एवं भावुक क्षण में आप सभी माननीय गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, सेना एवं अर्धसैनिक बलों, प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों, राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों, अधिवक्ता परिषदों, पूर्व सैनिक एवं सैनिक प्रकोष्ठों, शैक्षिक संस्थानों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं, मीडिया जगत, अल्पसंख्यक संगठनों, विभिन्न सामाजिक समूहों तथा असंख्य शुभचिंतकों एवं नागरिकों ने दूरभाष, संदेश, पत्र अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं, हम उन सभी के प्रति अपनी विनम्र कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।
विशेष रूप से हम उन सभी श्रद्धेय जनों के प्रति आभार प्रकट करते हैं जिन्होंने हमारे निवास पर पधारकर अंतिम दर्शन किए तथा अंत्येष्टि कार्यक्रम हरिद्वार में सम्मिलित होकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस कठिन समय में आपकी जनरल साहब के प्रति श्रद्धा और हम सब के प्रति स्नेह, उपस्थिति और आत्मीय सहयोग हमारे परिवार के लिए संबल एवं शक्ति का स्रोत बना।
मेजर जनरल (रि.) भुवन चंद्र खण्डूडी जी का जीवन राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, सादगी, अनुशासन और जनकल्याण के मूल्यों को समर्पित रहा। उनके प्रति व्यक्त आपके सम्मान और श्रद्धा ने हमें यह अनुभव कराया कि उनका जीवन केवल एक परिवार की धरोहर नहीं बल्कि समाज, राष्ट्र और देवभूमि उत्तराखंड के लिए अमूल्य प्रेरणास्रोत रहेगा।
हम दोनों आपके प्रति पुनः अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा आशा करते हैं कि आपका स्नेह, मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद सदैव हम पर बना रहेगा।
विनम्र आभार सहित
ऋतु खण्डूडी भूषण
मनीष खण्डूडी