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IDPL को पुनर्जीवित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी

IDPL को पुनर्जीवित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी

देहरादून

 

IDPL एक जमाने मे विदेशों तके में अपनी जीवम रक्षक दवाओं के लिए मशहूर रहा है। लेकिन वक्त और हालात के चलते इसको बन्द करना पड़ा। कांग्रेस सरकार ने इसके रिवाइवल के लिए बाकायदा काफी मेहनत भी की थी। इतने वर्षों बाद अचानक जब यहां की इंडस्ट्रीज को देश के नामी गिरामी उद्योगपती खरीद रहे हैं ऐसे में उत्तराखण्ड के राजनेतिक ओर सामाजिक संगठन इसको पुनः खोलने हेतु एक बार फिर उठ खड़े हुए है।

 

कोरोना महामारी में जीवन रक्षक दवाइयों की कमी से जूझ रहे उत्तराखंड ही नहीं पूरा देश जूझ रहा है। ऐसे में उत्तराखंड राज्य के कई राजनीतिक दलों तथा संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से आईडीपीएल ऋषिकेश को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर प्रत्यावेदन ज्ञापन भेजा है।

 

प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को संयुक्त रुप से ज्ञापन प्रेषित करने वाले राजनीतिक दलो और संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा है कि देश और उत्तराखंड इस समय कोरोना के दूसरे लहर का तीव्र प्रहार झेल रहा है। ऐसे में हमारे सामने चुनौती है कि जीवन रक्षक आवश्यक दवाएं ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सीय सामग्री कैसे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो और लोगों तक आसानी से पहुंच सकें।

 

उन्होंने कहा है कि इसको ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश में इंडियन ड्रेस एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड आईडीपीएल का कारखाना है जो केंद्र सरकार का उपक्रम है और जिसे वर्षों पहले बीमार घोषित कर बन्द कर दिया गया है।यह उद्योग 1961 में स्थापित किया गया था। आईडीपीएल अतीत में जीवन रक्षक दवाओं के क्षेत्र में देश के आत्मनिर्भर बनाने और आयात कम करने में जबरदस्त भूमिका रही है।

उन्होंने याद दिलाया कि आईडीपीएल टेट्रासाइकलिन मलेरिया रोधी क्लोरोकुईन,ओ आर एस परिवार नियोजन के गोली माला डी, इंसुलिन दर्द निवारक एंटीबायोटिक की आपूर्ति के जरिए आईडीपीएल ने महामारी की रोकथाम में बेहद प्रभावी भूमिका निभाई थी।

ऐसे शानदार उद्योग ऐसे समय जब देश को जीवन रक्षक दवाओं ऑक्सीजन और करुणा के टीके की अत्यधिक आवश्यकता है केंद्र सरकार को चाहिए कि आईडीपीएल ऋषिकेश को प्रभावित ढंग से पुनर्जीवित कर जीवन रक्षक दवाओं के निर्माण में लगाया जाए हाल ही में डीआरडीओ के सहयोग से आईडीपीएल में 500 बेड का स्थाई कोविड-19 शुरू किया गया है यह तात्कालिक उपयोग हो सकता है लेकिन आईडीपीएल का सही उपयोग यही होगा कि उसे दवा ऑक्सीजन और टीके के निर्माण में तत्काल लगाया जाए।वर्तमान महामारी के समय ऐसा करना नितांत आवश्यक है।

आईडीपीएल को पुनर्जीवित करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री को संयुक्त रूप से ज्ञापन प्रेषित करने वालों में मुख्य रूप से उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उत्तराखंड राज्य सचिव समर भंडारी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव राजेंद्र सिंह नेगी, भाकपा माले गढ़वाल मंडल सचिव इंद्रेश मैखुरी, उत्तराखंड महिला मंच की केंद्रीय संयोजक मंडल की सदस्य निर्मला बिष्ट तथा उत्तराखंड पीपुल्स फोरम के संयोजक जयकृत्य कंडवाल शामिल है।

माकपा राज्य सचिव राजेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ इस चर्चा करने के लिए समय भी मांगा गया है।

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