देहरादून
समय समय पर उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदायें आती रही हैं,
केदारनाथ की आपदा रही हो या उत्तरकाशी की,चमोली की हो या थराली की इनसे निपटने और लोगों को समय रहते सचेत करने के लिए तकनीक का एक बड़ा इस्तेमाल उत्तराखंड सरकार शुरू करने जा रही है।
अब मोबाइल फोन के बाद विभिन्न आपदाओं के जरूरी अलर्ट आम जनता को सीधे अपनी टीवी स्क्रीन पर भी दिखाई देंगे। राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम उत्तराखंड को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में डीटीएच (DTH) प्लेटफॉर्म के जरिए टेस्ट अलर्ट का सफल प्रसारण किया गया है। प्रथम चरण में यह परीक्षण देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जिलों में सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
इस विशेष तकनीकी परीक्षण के दौरान टाटा प्ले, एयरटेल, डी2एच और डिश टीवी जैसे देश के प्रमुख डीटीएच प्लेटफॉर्म्स पर टीवी स्क्रीन में टेस्ट अलर्ट संदेश प्रदर्शित किया गया। यह महत्वपूर्ण संदेश लगभग 15 से 40 सेकंड तक टीवी स्क्रीन पर दिखाई दिया। इस अत्याधुनिक प्रणाली के माध्यम से मौसम और आपदा से जुड़ी गंभीर चेतावनियों को कुछ ही सेकंड के भीतर बेहद व्यापक स्तर पर प्रसारित करना संभव हो सकेगा।
टेलीविजन स्क्रीन पर सीधे फ्लैश होने वाले इस संदेश से लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित होगा। इसके जरिए फ्लैश फ्लड, भूस्खलन, भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और लू (हीट वेव) जैसी घटनाओं से पहले ही लोगों को सतर्क किया जा सकेगा।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए समय पर चेतावनी मिलना जन-धन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही, हाल ही में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सी-डॉट द्वारा सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम का भी सफल परीक्षण किया गया है। इस तकनीक के तहत प्रभावित क्षेत्र के मोबाइल टावरों की रेंज में आने वाले सभी उपभोक्ताओं को बिना इंटरनेट और बिना किसी ऐप के सीधे मोबाइल पर स्वतः अलर्ट मिल जाएगा। सरकार इन दोनों आधुनिक तकनीकों के समन्वय से राज्य में सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
