देहरादून
भाजपा नेता प्रमोद खारी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना हे कि उन्होंने जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी और अंतरात्मा की आवाज़ पर इस्तीफा देने का फैसला लिया है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक पत्र जारी करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा किये फैसला किसी पद या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण नहीं लिया जा रहा है। बल्कि अपनी अंतरात्मा की आवाज़ और जनता के प्रति जिम्मेदारी को देखते हुए लिया गया है।
आगे लिखा कि आज उत्तराखंड बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और अफसरशाही जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। आम जनता की आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं दिखता। युवाओं की उम्मीदें टूट रही हैं और जनहित के मुद्दे लगातार उपेक्षित हो रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में स्वयं को मौन रखना मेरे सिद्धांतों के विरुद्ध है। इन्हीं कारणों से मैंने भारतीय जनता पार्टी से अपना त्यागपत्र देने का कठिन निर्णय लिया है।
मैं उन सभी कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं, मित्रों और शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया और स्नेह एवं विश्वास बनाए रखा। मेरा संघर्ष पहले भी जनता के अधिकारों के लिए था। आज भी है और आगे भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ उत्तराखंड और लक्सर की जनता के हितों के लिए निरंतर जारी रहेगा। जनसेवा ही मेरा संकल्प है।
बताते चलें कि 2022 में पंचायत
चुनाव से पहले उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री प्रमोद खारी ने पार्टी से इस्तीफा दिया था। और भाजपा ज्वाइन की थी। इस दौरान प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद थे।
खारी ने तब कहा था कि भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति और पीएम मोदी की लोकप्रियता से प्रभावित होकर ही उन्होंने भाजपा ज्वॉइन की है।

