देहरादून/हरिद्वार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प के तहत हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। विजिलेंस की विस्तृत जांच में भूमि खरीद-बिक्री प्रक्रिया में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद 10 लोगों के खिलाफ अभियोग दर्ज करने को मंजूरी दे दी गई है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य सतर्कता समिति की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने मामले में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों और भूमि विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का अनुमोदन किया है। दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग दर्ज होगा, उनमें तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, सहायक नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार दयाल, कर अधीक्षक लक्ष्मीकान्त भट्ट, सहायक अभियंता एवं प्रभारी अधिशासी अभियंता आनन्द सिंह मिश्राण, सम्पत्ति लिपिक वेदपाल तथा मानचित्रकार दिनेश काण्डपाल शामिल हैं।
वहीं भूमि विक्रेता एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों में सुमन देवी, जितेन्द्र कुमार, अभिषेक यादव और सुजीत कुमार सिंह के नाम भी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।