नाम जिन्दो मे अपना लिखा जायेगे.. मातृदिवस पर अम्मा रमा शर्मा की याद में वरिष्ठ आंदोलनकारी विपिन को मिला गौरवशाली रमा शर्मा स्मृति सम्मान-2026 – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

नाम जिन्दो मे अपना लिखा जायेगे.. मातृदिवस पर अम्मा रमा शर्मा की याद में वरिष्ठ आंदोलनकारी विपिन को मिला गौरवशाली रमा शर्मा स्मृति सम्मान-2026

देहरादून

धरातल संस्था की ओर से मातृ दिवस पर प्रसिद्ध समाज सेवी श्रीमती रमा शर्मा स्मृति सम्मान 2026 उत्तराखंड राज्य आन्दोलन कारी विपिन नेगी को प्रदान किया गया।

जनकवि व साहित्य कार डा अतुल शर्मा ने बताया कि वरिष्ठ आंदोलनकारी विपिन नेगी को उत्तराखंड आन्दोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड के दौरा पैर मे गोली लगी थी। फिर भी वे वहां बहादुरी से डटे रहे थे। संस्था की अध्यक्ष रंजना शर्मा के अनुसार नेगी सहायक कोषाधिकारी है ‌।

कहानीकार रेखा शर्मा ने नेगी को सम्मान पत्र सम्मान राशि और स्मृति चिन्ह् प्रदान किया गया ।

मुख्य अतिथि के रूप ने मौजूद वरिष्ठ राज्य आन्दोलन कारी रवींद्र जुगरान ने बताया कि रमा शर्मा समाज सेवी व महान स्वतंत्रता सेनानी श्री राम शर्मा प्रेम की पत्नी थीं। उनके पुत्र जनकवि डा अतुल शर्मा कई सालों से यह सम्मान प्रदान करते आ रहे है।

मातृदिवस पर अम्मा की यादों में खोए उनके पुत्र अतुल बताते हैं कि हमारी अम्मा रमा शर्मा का विवाह महान स्वतंत्रता सेनानी एवं राष्ट्रीय धारा के प्रमुख कवि श्रीराम शर्मा प्रेम से हुआ था।

जब 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में कविवर प्रेम स्वतंत्रता संग्राम मे जेल चले गये तब अम्मा रमा शर्मा ने प्रभात फेरिया निकाली।

स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम शर्मा प्रेम ने 1944 में दिल्ली सैंट्रल सेकेक्रियेट पर तिरंगा फहरा दिया।

उन्होंने अपनी अधिकांश कविताएं जेलो मे ही लिखीं। उनकी दो कविताये गढ़वाल विश्व विद्यालय के पाठ्य क्रम मे पढाई जाती रही। इससे प्रेरित होकर उनका नाम घंटाघर स्थित शहीद स्मारक मे दर्ज किया गया।

अम्मा रमा शर्मा 1948 को देहरादून मे आकर रहने लगी। समाज सेवा ही उनका कार्य श्रेत्र रहा। वह देशभक्ति गीत गाती थीं,

वे आर्यसमाज की कार्य कारिणी की सदस्य रहीं। स्वतंत्रता सेनानी संगठन की उपाध्यक्ष भी रहीं।

उन्हे बहुत सम्मान मिला।

उनका संपर्क यूपी की प्रथम सीएम सुचेता कृपलानी, उत्तराखंड के प्रथम सीएम नित्यानंद स्वामी,महामहिम राज्यपाल सुरजीत सिह बरनाला व महामहिम राज्य पाल मार्ग्रेट अल्वा से लंबे अरसे तक रहा। परेड ग्राउंड मे लालकृष्ण आडवाणी ने भी उनका विशेष रूप से सम्मान किया गया था ‌।

वे पुराने देहरादून की पहचान रही और नयी पीढ़ी को भी सजग बनाती रहीं ‌।

उन्हे सूचना एंव प्रसारण मंत्री गिरिजा व्यास अम्मा कहा करती थीं घर पर आती थीं तो घंटों साहित्य पर चर्चा होती थी।

उनकी बेटियां रेखा शर्मा और रंजना शर्मा भी साहित्यकार है।

अबतक श्रीमती रमा शर्मा स्मृति सम्मान दर्जन भर से ज्यादा विभिन्न विभूतियों को प्रदान किया जाता रहा है।

इस सम्मान कार्यक्रम के दौरान प्रदीप कुकरेती, ओमप्रकाश नौटियाल, रामलाल खंडूरी, पीडी लोहानी नन्दन सिह, संतन सिह आदि ने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम मे उत्तराखंड आन्दोलन कारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन नेगी व वरिष्ठ नागरिक जनसेवा समिति के अध्यक्ष पूर्व पार्षद हुकुम सिह गड़िया ने विचार व्यक्त करते हुए रमा शर्मा स्मृति सम्मान को मातृ दिवस पर एक सार्थक कार्यक्रम बताया ‌‌‌। इस अवसर पर रमा शर्मा की पुत्रियों रेखा शर्मा व रंजना शर्मा ने रमा शर्मा का गीत प्रस्तुत किया,,, नाम जिन्दो मे अपना लिखा जायेगे।

सम्मान प्राप्त करने के बाद उत्तराखंड आन्दोलन कारी विपिन नेगी ने इसे गौरवशाली सम्मान बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *