देहरादून
दून वन प्रभाग के अंतर्गत मंगलवार 1 सितम्बर को मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर बल्लीवाला चौक के समीप एक व्यक्ति द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 (यथासंशोधित) के अंतर्गत संरक्षित इंडियन स्पॉटेड ईगल (Indian Spotted Eagle) की अवैध खरीद-फरोख्त किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना प्राप्त होने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून अभिषेक मैठाणी के नेतृत्व में मालसी रेंज एवं वन सुरक्षा दल की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए संदिग्का व्यक्ति के आवास पर छापेमारी/तलाशी की कार्यवाही की गई। तलाशी के दौरान अभियुक्त के घर से इंडियन स्पॉटेड ईगल बरामद किया गया। बरामद वन्य जीव को विभागीय अभिरक्षा में लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की गई। प्रथम दृष्ट्या प्रकरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत्त संरक्षित वन्यजीव के अवैध कब्जे एवं खरीद-फरोख्त से सम्बन्धित पाया गया।

प्रकरण में अभियुक्त के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अभियुक्त को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के उपरांत न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। प्रकरण में अग्रेत्तर विधिक एवं विभागीय कार्यवाही गतिमान है तथा अवैध वन्य जीव व्यापार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में भी जांच की जा रही है। इस कार्यवाही में वन क्षेत्राधिकारी मालसी शुची चौहान, वन सुरक्षा दल सदस्य,अजीत,देवेन्द्र रावत, (वन दरोगा), अनुज, हरीश (वन आरक्षी), क्यूआरटी सदस्य जितेन्द्र, रजनीश आदि शामिल रहे।
प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून वैभव कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि वन्य जीवों का अवैध शिकार, कब्जा, एवं खरीद-फरोख्त एक गंभीर वन्य जीव अपराध है। वन विभाग द्वारा ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए कठोर एवं प्रभावी विधिक कार्यवाही की जाएगी। वन्य जीव अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के वन्य जीव अपराध, अवैध वन्य जीव व्यापार, वन्यजीवों के अवैध कब्जे अथवा वन्यजीवों की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी वन विभाग के हेल्पलाईन नम्बर 1926 अथवा वनविभाग की नजदीकी चौकी को उपलब्ध कराएं।
