देहरादून
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित दशहरा कमेटी लगातार आयोजन में नई नई तकनीक का सहारा ले रही हे। इसके चलते इस बार रावण की लंबाई को बढ़ाकर 181 फीट के दिया गया। और जिसके दहन के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जाना था। मगर लास्ट टाइम में सेंसर फेल हो गया। लेकिन रावण को बनाने वालों ने मैनुअल तैयारी भी कर रखी थी। प्लान बी के तहत सेंसर फेल होते ही मैनुअल तरीकेसे दहन कर दिया गया।
परेड ग्राउंड में 181 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले का दहन करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाना था, लेकिन ऐन मौके पर सेंसर ने काम करना बंद कर दिया। इसके चलते आयोजकों को रिमोट से रावण दहन करने की योजना छोड़कर पारंपरिक तरीके से मशाल का सहारा लेना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में दशहरा उत्सव के लिए 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था। इस बार आयोजकों ने आधुनिक तकनीक की मदद से पुतले का दहन करने की विशेष तैयारी की थी। रावण के पुतले को रिमोट और सेंसर के माध्यम से जलाने की योजना थी। लेकिन इसके बाद मशाल की सहायता से विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया। इस घटना के कारण समारोह में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की योजना सफल नहीं हो सकी, लेकिन पारंपरिक तरीके से रावण दहन संपन्न हुआ।
दशहरा उत्सव में आकर्षण का केंद्र बना रावण 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला इस वर्ष परेड ग्राउंड के दशहरा समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा।