देहरादून
बृहस्पतिवार को प्रदेश भर के ग्राम प्रधानों ने प्रदेश की राजधानी में सचिवालय पर मानदेय में बढ़ोतरी जैसी दस सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
परेड ग्राउंड में एकत्रित होकर सचिवालय कूच कर रहे ग्राम प्रधानों को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
कई प्रधान बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और बैरिकेडिंग गिराया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। बाद में सभी प्रधान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रधान परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से जुलूस के रूप में सचिवालय की ओर बढ़े और उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
प्रधान संगठन मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने, प्रशासनिक उत्पीड़न रोकने और विकास कार्यों के विकेंद्रीकरण की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस द्वारा ने सचिवालय से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारीयों को रोक दिया गया। प्रधानों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके चलते पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया।
संगठन की प्रांतीय अध्यक्ष योगिता कैंतुरा ने कहा कि सरकार लंबे समय से ग्राम प्रधानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाने और ग्राम पंचायतों को दस लाख रुपये तक के कार्य दिए जाने की मांग की।
कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश मेहरा ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री या सक्षम स्तर से मांगों पर ठोस आश्वासन और लिखित सहमति नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने वीबीजी रामजी योजना में हाजिरी ऑफलाइन करने तथा राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या के आधार पर आवंटित करने की मांग भी उठाई।
प्रधानों के प्रदर्शन से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
